पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान भागने वाले दो छात्र गिरफ्तार
जयपुर, 02 नवंबर । पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाकर बिना भुगतान किए भागने और विरोध करने पर कर्मचारियों से मारपीट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में दो आरोपिताें को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां जब्त की गई हैं। दोनों आरोपिताें ने जयपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 20 से अधिक वारदातें करना कबूल किया है। उनका एक अन्य साथी अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपित 19 और 20 साल के हैं तथा छात्र हैं। पुलिस के अनुसार वे अपने शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे।
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान कनकपुरा रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले अंकित वर्मा और गणपति नगर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले विशाल मेहरा के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित रात के समय सुनसान स्थानों और घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों से नंबर प्लेट चुरा लेते थे। इसके बाद चोरी की नंबर प्लेट अपनी या परिचितों की गाड़ियों पर लगाकर पेट्रोल पंपों पर वारदात करते थे।
आरोपिताें ने मानसरोवर सोडाला, हरमाड़ा, सीकर रोड, करधनी, बिंदायका, वैशाली नगर और करणी विहार सहित शहर के अन्य इलाकों में 20 से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस उनके कब्जे से मिली दोनों गाड़ियों के अलावा अन्य वाहनों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
डीसीपी ने बताया कि 28 अक्टूबर को राहुल शर्मा और बजरंग जाट ने बिंदायका थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार 23 अक्टूबर को सुबह करीब 5.11 बजे फर्जी नंबर प्लेट लगी कार में आए युवकों ने 4403 रुपये का पेट्रोल भरवाया और बिना भुगतान किए भाग गए। इसके बाद 28 अक्टूबर को दूसरी गाड़ी पर भी उसी नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर 4070 रुपये का पेट्रोल भरवाया और आरोपित बिना पैसे दिए फरार हो गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इधर घटना की गंभीरता को देखते हुए बिंदायका थानाधिकारी अनिल जैमिनी के नेतृत्व में थाना पुलिस और जिला विशेष टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपिताें की पहचान की। इसके बाद जयपुर और सीकर के होटलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा आने-जाने के रास्तों पर लगे कैमरों के फुटेज की जांच की गई।
जांच के दौरान दोनों संदिग्धों के सीकर जिले के अलखपुरा गोदरान में होने की सूचना मिली। पुलिस टीम को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस उनके तीसरे साथी की तलाश कर रही है।
इस कार्रवाई में बिंदायका थानाधिकारी अनिल जैमिनी, डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी, एसआई गोवर्धन सिंह, तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार तथा डीएसटी के कांस्टेबल राकेश कुमार, मुकुट बिहारी, सुरेश, सांवर और राम की अहम भूमिका रही।
