News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

News Chetna
Uttarakhand

‘हनुमान अंश’, बाबा नीब करौरी के भतीजे ने साझा किए उनके जीवन के प्रसंग

नैनीताल, 13 सितंबर । देश भर में चर्चा में चल रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन की सत्य घटनाओं पर आधारित है। यह बात नैनीताल भ्रमण पर पहुंचे बाबाजी के भतीजे शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कही है। नैनीताल पहुंचे श्री शर्मा ने इस अवसर पर बाबाजी के जीवन से जुड़े कई अनजाने प्रसंग भी साझा किए।

शर्मा के अनुसार बाबाजी के बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण था। उनका जन्म फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर में हुआ था। 11 वर्ष की उम्र में उनकी माता का निधन हुआ और 12 वर्ष की उम्र में उनका विवाह हो गया था। पिता के दूसरी शादी करने पर 13 वर्ष की उम्र में वह घर छोड़कर निकल गए। राजस्थान और गुजरात में तपस्या के दौरान वे ‘तलैया बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। बाद में नीब करौरी नाम के गांव में एक गुफा में तपस्या करने के बाद उनका नाम नीब करौरी पड़ा। यहां पहचान लिये जाने पर पहुंचे पिता के आग्रह पर वह वापस घर लौटे और बाद में उनके तीन बच्चे हुए।

इसके बाद बाबा ने नैनीताल के हनुमानगढ़ी, भूमियाधार और काकड़ीघाट होते हुए कैंची धाम में लगभग 20 वर्ष बिताए। इसके बाद उन्होंने मथुरा-वृंदावन, महरौली, लखनऊ के गोमती तट स्थित हनुमान सेतु और कानपुर के पनकी में आश्रम स्थापित किए।

इस दौरान शर्मा ने वृंदावन में एक मृत घोषित व्यक्ति को बाबा द्वारा जीवनदान दिये जाने की घटना का भी उल्लेख किया, जिसके बाद वहां हनुमान मंदिर का निर्माण किया गया।। उन्होंने बताया कि वर्ष 1973 में वृंदावन से दिल्ली जाते समय रास्ते में हृदय गति रुकने से बाबा ने देह त्याग किया। इसके बाद नीब करौरी और उनकी जन्मभूमि अकबरपुर में उनके आश्रम स्थापित हुए, जो आज पर्यटन एवं आस्था के प्रमुख केंद्रों के रूप में प्रसिद्ध हैं।

Leave a Reply