हरियाणा में लगातार कमजोर हो रही शिक्षा व्यवस्था : कुमारी सैलजा
चंडीगढ़, 30 जून । सिरसा सांसद एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि हरियाणा की सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और सरकार समय पर शिक्षक भर्ती तथा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है। सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकारी शिक्षा संस्थानों को कमजोर कर निजीकरण का रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में 5,573 वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षक पद, 8,449 प्राथमिक शिक्षक पद और 2,413 माध्यमिक शिक्षक पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी के कारण लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदेश के 968 सरकारी प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 22.1 प्रतिशत विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात निर्धारित मानकों से भी खराब हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की मूल भावना के अनुरूप नहीं है और सरकार को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
सैलजा ने आरोप लगाया कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में भी सरकार सफल नहीं रही है। उनके अनुसार 63 बस्तियों में प्राथमिक विद्यालय, 112 बस्तियों में उच्च प्राथमिक विद्यालय, 132 गांवों में माध्यमिक विद्यालय और 215 गांवों में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इसे ग्रामीण विद्यार्थियों के साथ अन्याय करार दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के सरकारी दावों के बावजूद 691.88 करोड़ रुपये के विकास कार्य अब भी लंबित हैं। उनका कहना था कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, भवन और आवश्यक सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
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