श्री प्रियंका जियो कॉमेक्स का आईपीओ लॉन्च, 29 जून तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 24 जून । डाइवर्सिफाइड कमोडिटी फोकस्ड ग्रुप की कंपनी श्री प्रियंका जियो कॉमेक्स लिमिटेड का 94.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो जुलाई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन ये आईपीओ 11 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 207 रुपये से लेकर 212 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,54,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 44.58 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.93 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 65.84 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 28.22 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हॉरिजन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि कैमियो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। निकुंज स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
श्री प्रियंका जियो कॉमेक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.33 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.04 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 9.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 17.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 219.48 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 250.19 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 266.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 249.67 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 25.10 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 33.91 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 35.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 53.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 19.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 21.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 31.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 51.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 16.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 18.28 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 28.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 39.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 4.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.05 करोड़ रुपये और 2024-25 में 16.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 26.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था।