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रायगढ़ पुलिस ने बाजार हाट में सक्रिय झपटमार और पाकेटमार गिरोह का किया पर्दाफाश

रायगढ़ , 15 जून । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला की लैलूंगा पुलिस ने झपटमारी और पाकेटमारी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पांच महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जो बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र से आकर ग्रामीण बाजारों और मेलों में संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से झपटमारी में लूटी गई सोने की चैन, घटना में प्रयुक्त वाहन एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 7 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।

घटना की पीड़िता मरियम टोप्पो (67 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 04 इमलीपारा लैलूंगा, जो सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि शनिवारको वह अपने पति के साथ लैलूंगा साप्ताहिक बाजार सब्जी खरीदने गई थीं। इसी दौरान पीछे से अज्ञात व्यक्ति ने उनके गले में पहनी करीब एक तोला वजनी सोने की चैन झपटकर फरार होने का प्रयास किया। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें कुछ महिलाएं संदिग्ध अवस्था में दिखाई दीं।

विदित हो कि बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले के सभी साप्ताहिक बाजारों में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में लैलूंगा बाजार में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा थाने से आरक्षक विनोद कुजूर, आरक्षक शशिभूषण उरांव एवं महिला आरक्षक पूनम साहू की ड्यूटी लगाई गई थी।

बाजार में झपटमारी की घटना की सूचना मिलते ही महिला आरक्षक पूनम साहू ने ग्रामीणों की मदद से तत्काल एक महिला संदिग्ध मंगरीता गिरी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बाजार क्षेत्र से आरोपित दीपक गिरी को हिरासत में लिया। दोनों आरोपितों से सघन पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे अपने परिवार की पांच महिला सदस्यों के साथ इको वाहन क्रमांक सीजी 30 जे 8035 से जिला बलरामपुर के कुसमी क्षेत्र से लैलूंगा बाजार पहुंचे थे और संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीण बाजारों एवं मेलों में पाकेटमारी और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

आरोपितों ने बताया कि वारदात के बाद गिरोह के अन्य सदस्य जशपुर जिले में अपने परिचितों के यहां शरण लेने के लिए चले गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह द्वारा तत्काल जशपुर, सरगुजा एवं बलरामपुर पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपियों के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की गई। लैलूंगा पुलिस टीम ने बीती देर रात दबिश देकर जशपुर से गिरोह की चार अन्य महिला सदस्यों रीला गिरी, राजमोहनी उर्फ ठोली, सोनम गिरी एवं उर्मिला गिरी को हिरासत में लेकर थाना लाया।

पूछताछ में सभी आरोपितों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। आरोपितों के कब्जे से पीड़िता की 18 ग्राम वजनी सोने की चैन लॉकेट सहित, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये है, घटना में प्रयुक्त इको वाहन क्रमांक सीजी 30 जे 8035 जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये है तथा चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा कुल लगभग 7 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

मामले में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 190/2026 धारा 304(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है तथा आज न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक गिरधारी साव, आरक्षक विनोद कुजूर, शशिभूषण उरांव, उमेश साय, महिला आरक्षक पूनम साहू एवं लीलावती उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही थाना साइबर रायगढ़, अंबिकापुर एवं जशपुर पुलिस का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

गिरफ्तार आरोपित –

1. मंगरीता गिरी पति करमसाय गिरी, उम्र 25 वर्ष,

2. दीपक गिरी पिता लुढु उर्फ सोभनश्री गिरी, उम्र 21 वर्ष,

3. रीला गिरी पति विरेन्द्र गिरी, उम्र 28 वर्ष,

4. राजमोहनी उर्फ ठोली पति सोभनश्री उर्फ लुढू गिरी, उम्र 45 वर्ष,

5. सोनम गिरी पति दीपक गिरी, उम्र 20 वर्ष,

6. उर्मिला गिरी पति संतोष गिरी, उम्र 27 वर्ष, सभी निवासी बगाड़ी राजपुर, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर (छ.ग.)।

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