प्रधानमंत्री मोदी ने दिया प्रकृति और समृद्धि का संदेश
इस सुभाषित का अर्थ है कि वनस्पति सैकड़ों और हजारों शाखाओं के साथ विकसित और समृद्ध बने तथा मानव समाज भी उसके साथ उन्नति करे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तेजस्वी शक्ति ने प्रकृति को महान कल्याण और समृद्धि के लिए विकसित किया है, वही शक्ति समस्त मानवता के लिए भी मंगलकारी हो।