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कामकाजी दम्पतियों के लिए राहत बना निगम का क्रेंच, बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उठा रहा शिशु पालना गृह

जयपुर, 08 मई । कामकाजी दम्पतियों और महिला कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल संबंधी चिंता से राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा संचालित पन्नाधाय शिशु पालना गृह अब बड़ी सुविधा के रूप में सामने आ रहा है। नगर निगम मुख्यालय में संचालित इस क्रेंच में अभिभावक कार्यालय आने के दौरान अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में छोड़ सकते हैं और कार्य समाप्ति के बाद उन्हें वापस घर ले जा सकते हैं।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस सुविधा का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं और दम्पतियों को ऐसा सहयोग उपलब्ध कराना है, जिससे मातृत्व या छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उनके कार्य में बाधा न बने। इसी सोच के साथ निगम मुख्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त क्रेंच का संचालन किया जा रहा है। यहां बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए सीसीटीवी निगरानी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि निगम में संचालित क्रेंच कामकाजी महिलाओं और दम्पतियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में छोड़कर बिना किसी मानसिक तनाव के कार्यालय कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

निगम द्वारा संचालित पन्नाधाय शिशु पालना गृह में छह माह से लेकर छह वर्ष तक आयु के बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है। क्रेंच का संचालन प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक किया जाता है। यहां बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें दूध, दलिया, खिचड़ी, चावल, फल, सेरेलेक और कॉर्नफ्लेक्स जैसी सामग्री समय-समय पर दी जाती है। बच्चों को दिन में दो से तीन बार नाश्ता भी कराया जाता है।

क्रेंच में बच्चों के मनोरंजन और शारीरिक गतिविधियों के लिए पार्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जहां बच्चे आउटडोर गेम्स खेल सकते हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि उनकी देखभाल के लिए चार महिला कर्मचारी तैनात हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब आठ बच्चे इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार निगम में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है। अन्य राजकीय विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए 3200 रुपये प्रतिमाह तथा गैर सरकारी व्यक्तियों के बच्चों के लिए चार हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क लिया जा रहा है।

इस क्रेंच की शुरुआत अक्टूबर 2023 में तत्कालीन ग्रेटर नगर निगम महापौर साैम्या गुर्जर के कार्यकाल में की गई थी। निगम मुख्यालय के एक मीटिंग कक्ष का जीर्णोद्धार कर उसे शिशु पालना गृह में परिवर्तित किया गया। इसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों और अधिकारियों को कार्यालय समय के दौरान बच्चों की देखभाल संबंधी परेशानी से राहत देना था।

नगर निगम के अनुसार क्रेंच सेवा शुरू होने के बाद महिला कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। अब तक 50 से अधिक कामकाजी दम्पती और महिला कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। इनमें नगर निगम कर्मचारियों के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े अभिभावक भी शामिल हैं।

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