आईटीआई लड़भड़ोल में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत परामर्श एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
आर्थिक स्थिति भी बिगड़ जाती है। नशा मस्तिष्क के रिवॉर्ड सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है जिससे मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। प्रोफेशनल काउंसलर ने सुझाव दिया कि बच्चों को फोन का सीमित उपयोग करना चाहिए, खानपान में सुधार करें, योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें और अच्छे लोगों से सकारात्मक संवाद बनाएं। जीवन में सीखने की इच्छा बनाए रखना नशे से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका है।कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार, अनुशिक्षक सुशील कुमार, नवलीत कुमार, कनिष्ठ सहायक विजय कुमार एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।