सुबह भव्य विग्रह महाभिषेक, शाम में जोरदार संकीर्तन को लेकर उत्सुकता!
**श्री मुक्तिनारायण धाम में श्री रामानुज आचार्य जयंती का मनाया गया पर्व**
ग्रीन फील्ड मजीठा रोड पर स्थित श्री मुक्तिनारायण धाम वेंकटेश मंदिर में भव्य तरीके से श्री रामानुज आचार्य जयंती का आयोजन किया गया। यह विशेष अवसर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक बना। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्री रामानुज स्वामी के सुंदर विग्रह का महाभिषेक करते हुए की गई। इस पूजन के दौरान भक्तों ने ध्यानमग्न होकर भगवान की कृपा प्राप्त करने की कामना की। इसके बाद शाम को 5 बजे भगवान श्री मुक्तिनारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिससे माहौल अध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा।
रात 7 बजे, मुक्तिनारायण धाम संकीर्तन मंडल द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस क्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान के भजनों का लुत्फ उठाया, जिससे वातावरण भक्ति के रंग में रंग गया। मंदिर ट्रस्टियों ने इस खास अवसर पर भक्तों को ठाकुर जी की साड़ियों का प्रसाद वितरित किया, जिसे श्रद्धा और विश्वास के साथ स्वीकार किया गया। ऐसे पवित्र अवसर पर सामूहिक रूप से भक्ति करने का अनुभव हमेशा भक्तों के मन में एक अनोखी उमंग और ऊर्जा भर देता है।
इस अवसर पर मंदिर के प्रधान चरणजीत अग्निहोत्री ने यह भी घोषणा की कि 8 मई को मोहिनी एकादशी के दिन सुबह 10 बजे भगवान को तुलसी पुष्प अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान को मोहिनी रूप में सजाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह मौके पर श्रद्धालुओं को विशेष भक्ति का अनुभव होगा। साथ ही, 11 मई को नरसिंह जयंती का आयोजन भी धूमधाम से किया जाएगा, जिसमें भगवान के मधुर भजनों का गायन किया जाएगा।
इस भव्य कार्यक्रम में धर्मपाल पराशर और चरणजीत भास्कर सहित अन्य प्रतिष्ठित अतिथि भी मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल भक्ति की भावना का संचार करता है, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आपसी भाईचारे एवं प्रेम के बंधन को भी मजबूत करता है। इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल श्रद्धा का प्रदर्शन करना नहीं होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाना और लोगों को एकत्रित कर एक परिवार के रूप में एकजुट होना भी होता है।
इस तरह श्री मुक्तिनारायण धाम में मनाए गए श्री रामानुज आचार्य जयंती के इस महोत्सव ने श्रद्धालुओं के अभिभूत कर दिया। आने वाले कार्यक्रमों की चर्चा और उत्साह से भक्तों में नई ऊर्जा भर गई है। आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम ने सभी को एक नए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया, जो विश्वास और समर्पण के साथ उनके जीवन को रोशन करेगा।