स्टैन वावरिंका ने टेनिस को कहा अलविदा, बेसल में हार के साथ करियर समाप्त
बेसल, 28 अक्टूबर । स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टैन वावरिंका का शानदार करियर मंगलवार को उनके घरेलू टूर्नामेंट स्विस इंडोर्स में हार के साथ समाप्त हो गया। तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन वावरिंका को पहले दौर के मुकाबले में आठवीं वरीयता प्राप्त चेक खिलाड़ी जिरी लेहेका ने 7-5, 7-6 (2) से हराया।
41 वर्षीय वावरिंका का पेशेवर खिलाड़ी के रूप में आखिरी शॉट बैकहैंड था, जो कोर्ट के बाहर चला गया। उनके इस शॉट के साथ ही दर्शकों के बीच निराशा छा गई। वावरिंका ने दिसंबर 2025 में घोषणा की थी कि 2026 उनका पेशेवर टेनिस का आखिरी सत्र होगा। अपने विदाई सत्र के दौरान उन्हें कई टूर्नामेंटों में प्रशंसकों से भावुक विदाई मिली।
अपने आखिरी मुकाबले से पहले वावरिंका ने एटीपी टूर की वेबसाइट से कहा था, “अपने करियर में मैं बस यही चाहता था कि अपना सब कुछ लगा दूं, कोई पछतावा न रहे, हमेशा संघर्ष करता रहूं और हर मुकाबले में अपना 100 प्रतिशत दूं। यह मैंने हमेशा खुद के सम्मान, प्रतिद्वंद्वी, टूर्नामेंट, प्रशंसकों और सभी के प्रति सम्मान के लिए किया।”
उन्होंने कहा, “20 साल से भी अधिक समय तक यही मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात रही। और खेल को अलविदा कहने का यही एकमात्र तरीका है—बिना किसी पछतावे के।”
वावरिंका ने अपने तीनों ग्रैंड स्लैम खिताब उस समय के विश्व नंबर एक खिलाड़ी को फाइनल में हराकर जीते। उन्होंने 2014 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में राफेल नडाल को हराया। इसके बाद 2015 में फ्रेंच ओपन और 2016 में अमेरिकी ओपन के फाइनल में नोवाक जोकोविच को मात देकर खिताब अपने नाम किए।
वावरिंका 2014 में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान तक पहुंचे थे। उन्होंने अपने करियर में टूर स्तर के 16 खिताब जीते। इसके अलावा, उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में रोजर फेडरर के साथ जोड़ी बनाकर युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने 2014 में स्विट्जरलैंड को पहली बार डेविस कप खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
