बलरामपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए शिविर, 248 का पंजीयन; 97 को मिलेंगे सहायक उपकरण
बलरामपुर, 16 अक्टूबर । बलरामपुर जिले में दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय शिविर में 248 बच्चों का पंजीयन किया गया। शुक्रवार को संपन्न हुए आंकलन एवं चिन्हांकन शिविर में 97 बच्चों को सहायक उपकरण के लिए चयनित किया गया, जबकि 75 बच्चे नए यूडीआईडी कार्ड के लिए पात्र पाए गए। वहीं, 76 बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर भेजने की अनुशंसा की गई।
समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देश पर आयोजित इस शिविर का संचालन कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापूरे और जिला मिशन समन्वयक चंद्रभूषण प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में जिले के सभी छह विकासखंडों के बच्चों का आकलन किया गया।
शिविर के पहले दिन 15 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डीपाडीह, शंकरगढ़ में शिविर लगाया गया। यहां शंकरगढ़, कुसमी और राजपुर विकासखंड के कुल 138 दिव्यांग बच्चों का पंजीयन हुआ। जांच के बाद इनमें से 33 बच्चों को सहायक उपकरण के लिए चिन्हांकित किया गया। वहीं, 50 बच्चे नए यूडीआईडी कार्ड के लिए पात्र पाए गए और 55 बच्चों को विशेषज्ञ परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया।
शुक्रवार को जिला ग्रंथालय बलरामपुर में आयोजित शिविर में बलरामपुर, रामचंद्रपुर और वाड्रफनगर विकासखंड के 110 बच्चों का पंजीयन किया गया। इनमें से 64 बच्चों को सहायक उपकरण के लिए चयनित किया गया, जबकि 25 बच्चे यूडीआईडी कार्ड के लिए पात्र पाए गए। इसके अलावा 21 बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर भेजने की अनुशंसा की गई।
शिविर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की जरूरतों का आकलन कर उन्हें आवश्यक उपकरण और संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई। यूडीआईडी कार्ड के लिए पात्र बच्चों की पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के लिए रेफरल की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
इस दौरान जिला ग्रंथपाल राजकुमार शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजू कनौजिया, बीआरसी सुरेश सिंह, बीआरपी अमरदेव यादव सहित विभिन्न विकासखंडों से आए बीआरपी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
