भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में कई जलविद्युत परियोजनाओं का उत्पादन बंद
काठमांडू, 28 सितंबर । नेपाल में लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और बाढ़-भूस्खलन के कारण पश्चिमी हिस्से में ऊर्जा संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते बिजली उत्पादन से लेकर प्रसारण और वितरण तक की व्यवस्था प्रभावित हुई है। गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रवक्ता राजन ढकाल ने बताया कि, कालीगंडकी कॉरिडोर की 220 केवी प्रसारण लाइन के तहत म्याग्दी के दाना से पर्वत के कुश्मा तक के खंड में टावर नंबर 21 और 22 क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसी तरह कालीगंडकी कॉरिडोर के कुश्मा–नया बुटवल खंड की प्रसारण लाइन में भी फॉल्ट आया है। इसके कारण इस कॉरिडोर की प्रसारण लाइन से जुड़े करीब 200 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ के कारण कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन बंद हो गया है। इनमें 140 मेगावाट की कालीगंडकी, 25 मेगावाट की अपर मादी, 44 मेगावाट की सुपर मादी, 20 मेगावाट की नामार्जुन मादी, 40 मेगावाट की सेती नदी, 25 मेगावाट की अपर दोर्दी, 50 मेगावाट की अपर मर्स्याङ्दी, 70 मेगावाट की मध्य मर्स्याङ्दी और 69 मेगावाट की मर्स्याङ्दी जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। मोदी समेत अन्य परियोजनाओं का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा, राहुघाट जलविद्युत परियोजना के टेलरेस में भी क्षति पहुंची है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, प्रसारण और वितरण लाइनों को नुकसान पहुंचने के कारण बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में संभावित नुकसान को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर उत्पादन बंद किया गया है। स्थिति सामान्य होते ही परियोजनाओं को फिर से संचालन में लाया जाएगा।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण 220 केवी, 132 केवी, 33 केवी और 11 केवी की प्रसारण एवं वितरण संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
प्राधिकरण के अनुसार, नुकसान का प्रारंभिक विवरण जुटाने, बिजली आपूर्ति बाधित क्षेत्रों की पहचान करने, वैकल्पिक माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू करने और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की तत्काल मरम्मत के लिए तकनीकी एवं मरम्मत टीमों को विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।