दईजर में प्रस्तावित 200 फीट सडक़ की जमीन पर नहीं चलेगा कब्जा
जोधपुर, 20 सितम्बर । राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के दईजर क्षेत्र में प्रस्तावित 200 फीट चौड़ी सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
हाईकोर्ट ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को निर्देश दिया है कि वर्ष 2018 में स्वीकृत लेआउट में सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन पर कोई अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाए। यदि ऐसा निर्माण होता है तो जेडीए को नियमानुसार कार्रवाई कर उसे हटाना होगा। साथ ही, हाईकोर्ट ने भविष्य में संबंधित क्षेत्र के नए लेआउट प्लान मास्टर प्लान 2021-31 के प्रावधानों के अनुरूप ही मंजूर करने के निर्देश दिए है। यह 200 फीट सडक़ दईजर फांटा से स्टेट हाईवे होते हुए नागौर नेशनल हाईवे तक प्रस्तावित है। इसी को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान के मुताबिक सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन पर निर्माण हो रहा है, जिससे भविष्य में सडक़ का रास्ता प्रभावित हो सकता है। वहीं जेडीए ने कोर्ट को बताया कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद उसने ऐसा कोई लेआउट मंजूर नहीं किया, जो 200 फीट सडक़ के खिलाफ हो।
जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की बेंच ने कहा कि आगे मंजूर होने वाले सभी लेआउट 2021-31 के मुताबिक होने चाहिए। साथ ही 2018 के लेआउट में सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन पर अवैध निर्माण नहीं होने देना होगा। यह पीआईएल छोटूराम और अन्य ने दायर की थी। याचिकाकर्ताओं की आपत्ति थी कि मास्टर प्लान में 200 फीट सडक़ के लिए तय जमीन पर अगर निर्माण हो गया तो भविष्य में सडक़ के लिए रास्ता निकालने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने मास्टर प्लान के मुताबिक सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन को सुरक्षित रखने और आगे के लेआउट में भी इसका पालन कराने की मांग की। हालांकि, कोर्ट के सामने किसी खास व्यक्ति को अवैध निर्माणकर्ता घोषित करने की बात सामने नहीं आई। मामले का मुख्य मुद्दा सडक़ के लिए छोड़ी गई जमीन को सुरक्षित रखना था।