राज्यसभा में खेलमंत्री मांडविया ने साईं, डोपिंग और फुटबॉल की स्थिति से जुड़े सवालों के दिए जवाब
नई दिल्ली, 06 अगस्त । केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को राज्यसभा में खेल प्राधिकरण (साईं) में रिक्त कोच पदों, डोपिंग रोकथाम के उपायों और भारतीय फुटबॉल की स्थिति से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि देशभर में साईं के विभिन्न केंद्रों पर फिलहाल 554 कोच पद रिक्त हैं, जिनमें 90 मुख्य कोच के पद भी शामिल हैं।
मांडविया ने बताया कि जनवरी में 350 से अधिक सहायक कोचों की भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने के बावजूद अभी 464 सहायक कोच पद खाली हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 100 से अधिक हैं।
उन्होंने कहा, “कोचों की योग्यता और दक्षता का मूल्यांकन निर्धारित भर्ती एवं नियुक्ति मानकों के अनुसार किया जाता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में कोचों के प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों पर 8.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि उनकी पेशेवर क्षमता में वृद्धि हो सके।
यह जानकारी उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
जमीनी स्तर पर बढ़े डोप परीक्षण
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद केसरीदेवसिंह झाला के प्रश्न के उत्तर में मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन, प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी, वितरण और उपयोग से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष खुफिया और जांच तंत्र विकसित किया है।
उन्होंने बताया कि स्कूल, विश्वविद्यालय, राज्य और जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं में डोप परीक्षण अभियान बढ़ाया गया है।
वर्ष 2025 में 20 सैंपल संग्रह सत्र आयोजित किए गए थे, जबकि जुलाई 2026 तक 55 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।
मांडविया ने कहा कि सैंपल कलेक्शन पर्सनल (एससीपी) की संख्या भी नियमित भर्ती, प्रशिक्षण और पुनः मान्यता कार्यक्रमों के जरिए बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2025 में 11 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जबकि जुलाई 2026 तक चार कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम में संशोधन कर प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और आपूर्ति करने वालों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान करने की दिशा में काम कर रही है।
फुटबॉल के लिए 38 करोड़ रुपये की सहायता
भारतीय फुटबॉल की मौजूदा स्थिति पर पूछे गए सवालों के जवाब में खेल मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को 37.98 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है। चालू वर्ष में 8 करोड़ रुपये के आवंटन में से 3.91 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में देशभर के साईं केंद्रों में 527 फुटबॉल खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मांडविया ने बताया कि साईं नियमित रूप से एआईएफएफ के साथ खेल के प्रदर्शन और विकास की समीक्षा करता है तथा आवश्यक सुझाव भी देता है।