नेपाल में हाइड्रोपावर परियोजना से 4 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, 287 अब भी लापता
नई दिल्ली, 29 अगस्त । नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद जारी राहत एवं बचाव अभियान के बीच शनिवार को हाइड्रोपावर परियोजना से चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन चारों के जल्द काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही भारत ने लापता लोगों की पहचान और बचाव अभियान में सहायता के लिए फॉरेंसिक और सुरंग बचाव विशेषज्ञों की टीमें भी नेपाल भेजी हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बताया कि रसुवा में एक हाइड्रोपावर परियोजना से चार भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। ये रिपु कुमार, चंद्रशेखर नरजरी, कृपाशंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन हैं। इनके जल्द काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि मृतकों के अवशेषों की पहचान में सहायता के लिए भारत से छह सदस्यीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल पहुंचने वाली है। यह टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण और मृतकों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी।
सुरंग बचाव के लिए भेजी गई विशेष तकनीकी टीम भी काठमांडू पहुंच चुकी है। इस टीम ने गुरुवार को सुरंग बचाव अभियान का जायजा लिया था और शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में विस्तृत आकलन किया। टीम की सिफारिश के आधार पर भारत से विशेष सुरंग बचाव उपकरणों के साथ एक अन्य टीम शनिवार को नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को चीन की ओर से 120 भारतीय नागरिक नेपाल में दाखिल हुए हैं। इससे पहले भी चीन की ओर से फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाल में बचाव एवं राहत अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जारी है।
मंत्रालय के अनुसार, अब तक कुल 88 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 287 भारतीय नागरिक लापता हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोग भी लापता बताए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचने के कारण बचाव दलों को कई स्थानों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारत लगातार नेपाल के संपर्क में है और राहत सामग्री के साथ चिकित्सा, सुरंग बचाव तथा अन्य तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा है। विदेश मंत्रालय ने पहले नेपाल को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के दल और उपकरण भेजने की भी पेशकश की थी।