अभाविप ने बिरसा कॉलेज में स्नातक सीटें घटाने का किया विरोध, एचआरडी के प्रतिनिधियों को सौंपा मांग पत्र
खूंटी, 17 अगस्त । बिरसा कॉलेज खूंटी में स्नातक स्तर की सीटों में भारी कमी किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद ने पूर्व की तरह स्नातक की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को कॉलेज निरीक्षण के लिए पहुंचे एचआरडी के प्रतिनिधियों को मांग पत्र सौंपा।
अभाविप के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने बताया कि बिरसा कॉलेज में पहले औसतन करीब 5,000 विद्यार्थियों का स्नातक स्तर पर नामांकन होता था, लेकिन वर्तमान सत्र में सीटों की संख्या घटाकर लगभग 2,400 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा से वंचित होने की आशंका है।
कॉलेज में निरीक्षण के लिए पहुंचे एचआरडी प्रतिनिधि वरुणा दत्ता, फाइनेंस मैनेजर अजीत कुमार और रांची विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि सह सीसीडीसी डॉ. विकास कुमार के समक्ष प्रकाश टूटी ने विद्यार्थियों की समस्या रखी। उन्होंने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की स्थिति को देखते हुए स्नातक स्तर की सीटें बढ़ाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
प्रकाश टूटी ने कहा कि बिरसा कॉलेज खूंटी के ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। सीटों में कमी का सबसे अधिक असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जो आर्थिक कारणों से दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिषद को सीटें बढ़ाने का आश्वासन मिला है और अब जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।
अभाविप ने छात्राओं के लिए कॉमन रूम, प्रकाश व्यवस्था, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं में सुधार की मांग भी दोहराई। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सीटों में जल्द पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई तो चरणबद्ध आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
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