हांसी : चानौत जल आंदोलन का ऐलान: अब 24 गांव संभालेंगे धरने की जिम्मेदारी
बरवाला रोड जाम कर दिया। जाम लगाने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में लंबे समय से पेयजल
संकट बना हुआ है। इसी मांग पर उन्होंने 16 मई से धरना शुरू किया था, जो अब तक जारी
है। इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन भी मिल चुका
है, लेकिन सरकार अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाई है। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों
ने पूर्व में दी गई चेतावनी के अनुसार सोमवार दोपहर एक से तीन बजे तक दो घंटे हांसी-बरवाला
रोड जाम कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज
करने की चेतावनी दी। जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी लाइन लग गई।
हालांकि आंदोलनकारियों द्वारा दी गई सड़क जाम
की चेतावनी के अनुसार पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल
तैनात किया तथा आंदोलनकारियों की दो घंटे रोड जाम की चेतावनी के मद्देनजर हांसी बरवाला
रोड पर जाम के दौरान रुट को डायवर्ट को वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया।
हालांकि इस दौरान वाहन चालकों, यात्रियों तथा राहगीरों को परेशानियों का सामना करना
पड़ा। दो घंटे की समय-सीमा समाप्त होने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया जिसके बाद यातायात
व्यवस्था सुचारू हो गई
धरना कमेटी ने आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लेते
हुए घोषणा की कि अब रोघी और बूरा खाप के 24 गांव बारी-बारी से चानौत धरना कमेटी के
साथ आंदोलन का संचालन करेंगे। तय व्यवस्था के अनुसार हर दिन एक गांव धरनास्थल की पूरी
जिम्मेदारी संभालेगा। धरना कमेटी ने कहा कि सरकार चाहे आंदोलन को कितना
भी लंबा खींचे, ग्रामीण अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि
हम अंतिम सांस तक अपनी लड़ाई लड़ेंगे। धरना कमेटी ने यह भी बताया कि मंगलवार को रोघी
और बूरा खाप के सभी 24 गांवों के सरपंच चानौत धरना स्थल पर कमेटी के साथ बैठक करेंगे,
जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति और जिम्मेदारियों पर चर्चा कर आगे की रूपरेखा तय की
जाएगी।