समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं में उत्साह, हवन पूजन
वाराणसी,01 जुलाई । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर बुधवार को पार्टी कार्यकर्ता उल्लासपूर्ण माहौल में हवन पूजन के साथ दुग्धाभिषेक कर अपने नेता के दीर्घ जीवन और सत्ता में वापसी की कामना कर रहे है। शहर में जगह—जगह पार्टी कार्यकर्ता कहीं केक काट रहे है तो कहीं अस्पतालों में भर्ती मरीजों में फल वितरित कर रहे है। इसी क्रम में महानगर युवजन सभा समाजवादी पार्टी के बैनर तले वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर सूर्योदय के समय सात ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वरुणा की महाआरती की और अखिलेश यादव के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
—वरुणा कॉरिडोर के अधूरे सपने को फिर बनाया मुद्दा
जन्मदिन कार्यक्रम के जरिए पार्टी के नेताओं ने एक बार फिर वरुणा कॉरिडोर के अधूरे प्रोजेक्ट को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की। सपा नेताओं ने याद दिलाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गोमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर वाराणसी में वरुणा नदी के जीर्णोद्धार और वरुणा कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई थी। उनका आरोप है कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। अखिलेश यादव भी कई सार्वजनिक मंचों से योगी आदित्यनाथ सरकार पर अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट की अनदेखी करने का आरोप लगाते रहे हैं। युवजन सभा के प्रदेश महासचिव और वरिष्ठ सपा नेता किशन दीक्षित ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की नदियां या तो सूख रही हैं या फिर गंदे नालों में तब्दील होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार की कई जनहित योजनाओं को बंद कर दिया गया है। किशन दीक्षित ने कहा कि वरुणा और असि नदी के संगम से इस शहर का नाम वाराणसी पड़ा, लेकिन आज वरुणा नदी की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उनका कहना था कि गंगा के विकास और उसकी निर्मलता-अविरलता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन न गंगा, न असि और न ही वरुणा नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि वरुणा नदी आज भी ऐसे नेतृत्व का इंतजार कर रही है जो उसका वास्तविक पुनर्जीवन कर सके। महानगर युवजन सभा के अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने अखिलेश यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। कार्यक्रम का संयोजन किशन दीक्षित, राहुल गुप्ता, अशोक यादव ‘नायक’, राजू जायसवाल, मनोज सिंह, संदीप मिश्रा, अनूप खरवार, दिलीप कश्यप, राहुल यादव ने किया, जबकि इसमें सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव का बड़ा कटआउट लगाकर उनका दूध से अभिषेक किया गया और उन्हें वरुणा नदी के भगीरथ के रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को मजबूत करते हुए अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प भी दोहराया।
कार्यक्रम का संयोजन किशन दीक्षित, राहुल गुप्ता, अशोक यादव ‘नायक’, राजू जायसवाल, मनोज सिंह, संदीप मिश्रा, अनूप खरवार, दिलीप कश्यप, राहुल यादव ने किया।
—तख्तियों पर लिखे नारों ने खींचा लोगों का ध्यान
महाआरती के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उन तख्तियों की रही जिन पर वरुणा नदी की पीड़ा और राजनीतिक संदेश एक साथ दिखाई दिए। “पीडीए का मतलब – प्यासे को पानी, दरिया को जीवन, आबादी को सम्मान”, “पीडीए का सूरज उगेगा – वरुणा का अंधेरा मिटेगा”, “वरुणा कहती हैं – बदलाव चाहिए, अखिलेश चाहिए” और “गंगा की छोटी बहन वरुणा कहे – अखिलेश आएं तो मेरा उद्धार हो” जैसे स्लोगन लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने।