मप्रः कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा भक्ति का महासागर, 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया शिव महापुराण का श्रवण
सीहोर, 26 जुलाई । मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत शिव महापुराण कथा के दौरान रविवार को भक्ति का अभूतपूर्व महासागर उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण का श्रवण कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा धाम हर-हर महादेव और शिवमय वातावरण से गूंज उठा।
शिव महापुराण कथा के तीसरे दिवस रविवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि जो सच्चे मन से भगवान शिव पर विश्वास करता है, उसके जीवन के सभी दुख शिव की कृपा से क्षण भर में दूर हो जाते हैं। हम जो कर्म करते हैं, उसका फल हमें मिलता है। भगवान शिव की पूजा, अर्चना और भक्ति करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। यदि जीवन में कोई कष्ट या दुख आता भी है, तो भगवान शिव उन दुखों को हर लेते हैं, यदि हम समय-समय पर भगवान का धन्यवाद करते रहें और उनकी भक्ति में लीन रहें। शिव पुराण का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, और नकारात्मकता दूर होती है।
इस अवसर पर व्यासपीठ से बताया गया कि आगामी 11 अगस्त को सावन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन होगा। विश्वव्यापी ऑनलाइन शिव अभिषेक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु अपने-अपने घरों से भगवान शिव का अभिषेक कर आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनेंगे।
शिव महापुराण के दौरान कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिव नाम में जीवन का संपूर्ण सुख समाया हुआ है। संपूर्ण ब्रह्मांड की समस्त ऊर्जा शिवमय है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार में यदि किसी को रक्तचाप या मधुमेह जैसी बीमारियां होती हैं तो उसके प्रभाव आने वाली पीढ़ियों में भी देखने को मिलते हैं, उसी प्रकार यदि परिवार में कोई व्यक्ति भक्ति, पूजा, सत्संग और अच्छे कर्म करता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और घर स्वर्ग के समान बन जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्मों और पूर्व में किए गए कर्मों का फल तो प्रत्येक व्यक्ति को भोगना पड़ता है, इसलिए जीवन में बुरे कर्मों का त्याग कर सदैव अच्छे कर्म, सेवा, परोपकार और भगवान की भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए।
सेवाभावी लोगों को केवल धन ही नहीं, बल्कि सेवा करने वाला उदार मन भी दिया
कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो लोग कांवड़ यात्रियों के लिए मार्ग में नि:शुल्क नाश्ता, चाय, भोजन, फलाहार और पेयजल की व्यवस्था करते हैं, वे भगवान शिव के सच्चे सेवक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ ने ऐसे सेवाभावी लोगों को केवल धन ही नहीं, बल्कि सेवा करने वाला उदार मन भी दिया है, जिसके कारण वे हजारों श्रद्धालुओं की निस्वार्थ भाव से सेवा कर पाते हैं।
गुरु को शिष्य की दौलत, सत्ता या वैभव से कोई मतलब नहीं होता
वहीं कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि एक सच्चा गुरु अपने शिष्य को भगवान की शरण में पहुंचाता है। गुरु को शिष्य की दौलत, सत्ता या वैभव से कोई मतलब नहीं होता, बल्कि उसका एकमात्र उद्देश्य अपने शिष्य का जीवन सफल, सार्थक और कल्याणकारी बनाना होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के वचनों का पालन करने, सत्संग से जुड़े रहने और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने का संदेश दिया।
पूरे धाम में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आयोजन समिति, हजारों सेवादार और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन प्रसादी, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में जुटे हुए हैं। पूरे धाम में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना हुआ है।