किसान हत्या प्रकरण में बनी सहमति, परिजनों ने समाप्त किया धरना
जोधपुर, 05 जुलाई । किसान खुशाल सिंह की हत्या के बाद मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दिया जा रहा धरना रविवार को खत्म हो गया। परिजनों की आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता और बेटे को सरकारी नौकरी मिलने सहित अन्य मांगें थी। इन मांगों को लेकर पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच रविवार को सहमति बन गई। पुलिस ने परिजनों को खेत में जाने का रास्ता बहाल करने, सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और परिवार के भरण पोषण के लिए आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। इस सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया।
उल्लेखनीय है कि बिरसालू कला गांव में 25 जून की शाम 30 से 35 बदमाशों ने दो भाइयों के खेत में घुसकर जानलेवा हमला किया था। घटना में दोनों भाई घायल हो गए थे। इनमें बड़े भाई खुशाल सिंह की शनिवार को मौत हो गई थी। वहीं छोटा भाई हुकमसिंह घायल हो गया था। पीडि़त हुकमसिंह ने 27 जून को खेड़ापा थाने में जानलेवा हमले का मामला दर्ज करवाया था जिसे अब हत्या में तब्दील कर दिया गया है।
रिपोर्ट में बताया था कि करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोग हथियारों और लाठियों के साथ खेत में पहुंचे। भाई खुशाल पर जानलेवा हमला किया। घटना में भाई घायल हो गया। मारपीट के दौरान खुशाल सिंह की जेब से दुकान की चाबियां भी निकालकर आरोपी ले गए। घटना के बाद घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण 27 जून को पुलिस थाना खेड़ापा में लिखित रिपोर्ट दी गई थी। परिजनों ने खुशाल सिंह को 25 जून को अस्पताल में भर्ती कराया था। खुशाल सिंह का 10 दिन से इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार घटना के बाद से खुशाल सिंह लगातार बेहोश थे और शनिवार को इलाज के दौरान उनकी अस्पताल में मौत हो गई।