कांगड़ा घाटी में चाय उत्पादन का अध्ययन करने पहुंची जाईका इंडिया मिशन की टीम
धर्मशाला, 10 जून । जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीके) इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि ताकेउची ताकुरो के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पालमपुर का दौरा किया। यह दौरा हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की समीक्षा तथा चाय आधारित आजीविका, माचा चाय उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण एवं ग्रामीण उद्यमिता की नई संभावनाओं के अध्ययन हेतु आयोजित तीन दिवसीय मिशन का हिस्सा है। प्रतिनिधिमंडल में कोइडे सोता, वरिष्ठ प्रतिनिधि, ताइको इवामोटो तथा निष्ठां वेंगुरलेकर, विकास विशेषज्ञ, जाईका इंडिया शामिल रहे।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ डॉ. सुनील चौहान, परियोजना निदेशक, डॉ. राजेश गखड़, उप परियोजना निदेशक, डॉ. योगिंदर पॉल कौशल, जिला परियोजना प्रबंधक, पालमपुर, डॉ. रजनीश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने मिशन को परियोजना के अंतर्गत प्राप्त महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा कांगड़ा घाटी में चाय उत्पादन, मूल्य संवर्धन, कृषि व्यवसाय विकास एवं माचा चाय उत्पादन की अपार संभावनाओं से अवगत कराया।
मिशन का प्रथम दौरा हिमालयन ब्रू टी एस्टेट, रायपुर में आयोजित किया गया, जहां प्रतिनिधिमंडल ने चाय उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों एवं क्षेत्र के अन्य हितधारकों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस दौरान चाय उत्पादन तकनीकों, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन तथा कांगड़ा क्षेत्र में माचा चाय उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कांगड़ा चाय को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम उत्पाद के रूप में स्थापित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इसके उपरांत मिशन ने पालमपुर सहकारी चाय फैक्ट्री का दौरा किया जहां चाय प्रसंस्करण एवं विपणन से जुड़े हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने चाय मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने, सामूहिक विपणन को बढ़ावा देने तथा चाय उत्पादकों की आय में वृद्धि करने में सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।