कोंडागांव प्रशासन की तत्परता से ग्राम उलेरा में रुकवाया गया बाल विवाह
कोंडागांव, 24 जून । जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम उलेरा में प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से आज बुधवार काे एक बाल विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने विवाह स्थल पर पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की और विवाह संपन्न होने से पहले ही उसे रोक दिया।
इस कार्रवाई में थाना माकड़ी के पुलिसकर्मी, परिवीक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय रहते किए गए हस्तक्षेप से न केवल एक नाबालिग का भविष्य सुरक्षित हुआ, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का सकारात्मक संदेश भी पहुंचा।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम उलेरा निवासी 18 वर्ष 10 माह के युवक का विवाह फरसगांव क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती से तय किया गया था। बाल विवाह की सूचना मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश के निर्देश तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र सोनी के मार्गदर्शन में संयुक्त जांच दल मौके पर पहुंचा। विवाह स्थल पर पहुंचकर अधिकारियों ने वर-वधू के दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच में युवक की जन्मतिथि 25 जुलाई 2007 पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसकी आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी उम्र 21 वर्ष से कम है। इसके बाद अधिकारियों ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की।
संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, इसके लिए निर्धारित दंड और सामाजिक-स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। प्रशासन की सलाह के बाद दोनों परिवार विवाह स्थगित करने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने सहमति दी कि युवक की कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही विवाह कराया जाएगा। इसके बाद सरपंच, पंचों, ग्रामीणों और दोनों पक्षों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर बाल विवाह रुकवाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।