शिव के प्रति समर्पण से मिलता है परम वैभव : प्रदीप मिश्र
बलिया, 10 जून । बलिया के बाबा बालखंडी नाथ परिसर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवत्व व आध्यात्मिक चेतना के बारे में बताया। कहा कि संसार पर भरोसा करने वाले को निश्चित ही धोखा मिलेगा लेकिन जो भोलेनाथ पर भरोसा करता है, उसको कभी धोखा नहीं मिलता है और वह सारे सांसारिक सुखों को भोगते हुए अंत मे इस सांसारिक मोह माया से मुक्त हो जायेगा।
कथा का शुभारम्भ आयोजक परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह व उनके परिजनों द्वारा व्यासपीठ की पूजा से हुई। प्रदीप मिश्र ने शिव पर एक लोटा जल चढ़ाने के महात्म्य को बताते हुए कहा कि अगर कोई चीज भूलती है तो लोग गुमशुदा केंद्र जाते हैं। जब कोई पूछताछ करनी होती है तो पूछताछ केंद्र जाते है। लेकिन शिव महापुराण की कथा कहती है कि अगर आप दुनिया में चारों तरफ संकट, विपत्तियों से घिर जाएं, कहीं कोई नजर न आये तो इन समस्याओं को दूर करने का केंद्र है शिव का मंदिर शिवालय। आप दिल से एक लोटा जल चढ़ाना शुरू कीजिये, भोलेनाथ तक आपकी अर्जी पहुंच जायेगी। एक भरोसा शिव के प्रति हमारे सारे संकटों का नाश कर देता है। इसीलिए कहा जाता है, शिव को एक लोटा जल अर्पण करना सारी समस्याओं का समाधान है। इस दौरान कथा समापन पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, मृत्युंजय तिवारी बबलू आदि ने आरती किया।
अधिक मास में क्यों दान की जाती है 33 वस्तुएं
प्रदीप मिश्र ने कहा कि अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते है। इस मास मे दान करने का विशेष महत्त्व है। इस मास मे चाहे आप मालपुआ दान करें, पूड़ी दान करें, मिष्ठान दान करें, उसकी संख्या 33 होती है। आपने कभी विचार किया है कि 33 चीजे ही दान क्यों की जाती है, अधिक या कम क्यों नहीं? आपको बताता हूं। 30 चीजें तो महीने के लिये होती है लेकिन 31वीं चीज उसके लिये दान की जाती है जो हमारे बहन-बेटी के घर खाना खाने से दोष लगा हो, वह कट जाये। 32वीं वस्तु उस दोष को दूर करने के लिये दान की जाती है जो अनजाने में किसी सूतक वाले घर का पानी पीने से लगा होता है। 33वीं चीज उस दोष को दूर करने के लिये दान की जाती है जो गुरु व ब्राह्मण के घर खाने से हमें लगा होता है। उन्होंने पार्थिव शिव लिंग की महत्ता बताते हुए कहा कि शिवरात्रि के दिन जो भी पार्थिव पूजन करता है उसे सहस्त्रों शिव लिंग पूजा का पुण्य मिलता है।