News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Rajasthan

डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलाने का खेल उजागर: एसओजी ने चार आरोपित दबोचे

जयपुर, 02 मई । स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए चयन कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपिताें में तीन डमी कैंडिडेट और एक मूल अभ्यर्थी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपिताें ने लाखों रुपये लेकर परीक्षा दिलाने का सौदा करना कबूल किया है।

एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए धोखाधड़ी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तीन अलग-अलग प्रकरणों की जांच के दौरान आरोपिताें को पकड़ा गया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा अक्टूबर 2022 में आयोजित प्राध्यापक हिन्दी (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा में जालौर निवासी मनोहर लाल, जो वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सेकेंड ग्रेड शिक्षक है, ने मूल अभ्यर्थी देराम की जगह परीक्षा दी थी। जांच में सामने आया कि देराम पढ़ाई में कमजोर था, इसलिए उसने मनोहर लाल को डमी कैंडिडेट बनाकर परीक्षा दिलवाई। दोनों के बीच करीब 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। प्रवेश पत्र में फोटो से छेड़छाड़ कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया गया। एसओजी ने मनोहर लाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार मूल अभ्यर्थी देराम की तलाश जारी है।

इसी परीक्षा से जुड़े एक अन्य मामले में फलौदी निवासी अशोक जानी को डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी रामूराज, जो रिटायर्ड सैनिक है, ने कम मेरिट का फायदा उठाने के लिए अपनी जगह किसी योग्य अभ्यर्थी को बैठाने की साजिश रची। जोधपुर में कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात अशोक जानी से हुई और दोनों के बीच करीब 7.5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। एसओजी पहले ही मूल अभ्यर्थी रामूराज को गिरफ्तार कर चुकी है।

सितंबर 2023 में आयोजित शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) सीधी भर्ती-2022 में भी डमी कैंडिडेट का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि जालौर निवासी सुनील विश्नोई ने मूल अभ्यर्थी विमल कुमार पाटीदार की जगह परीक्षा दी थी। विमल कुमार पढ़ाई में कमजोर था और उसने जयपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे परिचित अनिल विश्नोई के माध्यम से सुनील विश्नोई से संपर्क किया। दोनों के बीच करीब 6 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। एसओजी ने इस मामले में डमी और मूल दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसओजी ने बताया कि आरोपिताें के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।

Leave a Reply