बलरामपुर : सुशासन तिहार बना ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच, पाढ़ी और गोपालपुर में लगे शिविर
बलरामपुर, 13 मई । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में सुशासन तिहार के तहत लगातार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को विकासखंड बलरामपुर के पाढ़ी बगीचा और विकासखंड राजपुर के हायर सेकेंडरी स्कूल गोपालपुर में शिविर आयोजित हुए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
पाढ़ी शिविर में सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी मंच बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निराकरण कर रहा है।
उन्होंने ग्रामीणों से शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी समस्याएं खुलकर रखने की अपील की। संभागायुक्त ने कहा कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण
शिविर में संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, उपायुक्त आर.के. खूंटे और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
शिविर में राशन कार्ड, किसान किताब और अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिया गया। एक हितग्राही को अनुदान राशि का चेक भी वितरित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दी गई। पाढ़ी शिविर में कुल 221 आवेदन प्राप्त हुए।
विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत गोपालपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 240 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में 4 हितग्राहियों को आवास की चाबी, 2 हितग्राहियों को मछली पकड़ने का जाल, 9 किसानों को मूंग बीज तथा पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए।
शिविर में जनपद अध्यक्ष विनय भगत, जिला पंचायत सदस्य रविप्रताप मरावी, अनारकली, जनपद सदस्य कमला प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुशासन तिहार के तहत 14 मई को विकासखंड रामचंद्रपुर के डिण्डो और विकासखंड शंकरगढ़ के बेलकोना में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आसपास के कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।