भोजशाला में धार्मिक आयोजन के साथ मां वाग्देवी की प्रतिमा को लेकर उठी नई मांग! श्रद्धालुओं ने मनाया उत्सव
धार, 19 मई । मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला परिसर में मंगलवार को उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। वर्षों से प्रति मंगलवार चल रहे सत्याग्रह में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। परिसर में मां वाग्देवी के चित्र के साथ नवग्रह पूजन और अखंड ज्योत की स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी कर खुशी भी जताई।
सत्याग्रह के दौरान अतुलानंद सरस्वती ने कहा कि यह लंबे संघर्ष और जनआंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानते हुए हिन्दू समाज वर्षों से यहां पूजा-अर्चना के अधिकार के लिए प्रयासरत था। उन्होंने इसे सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीत बताया।
वहीं हिन्दू पक्ष की ओर से न्यायालय में पैरवी कर रहे अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने कहा कि वर्षों से चल रहा सत्याग्रह अभी समाप्त नहीं हुआ है और कुछ प्रमुख मांगों को लेकर आगे भी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को भेजे गए तीन प्रमुख मांगपत्रों का उल्लेख किया।
इन मांगों में लंदन में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस भारत लाने की प्रक्रिया तेज करने, भोजशाला परिसर में मौजूद इस्लामिक लेखों को हटाने तथा परिसर में संभावित रूप से दबे प्राचीन अवशेषों और मूर्तियों की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा खुदाई कराए जाने की मांग शामिल है।
हिन्दू पक्ष का कहना है कि परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के बाद अब वहां धार्मिक गतिविधियों को लेकर नई परिस्थितियां बनी हैं। वहीं प्रशासन की ओर से पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई थी।
उल्लेखनीय है कि भोजशाला को लेकर लंबे समय से विवाद और न्यायालयीन प्रक्रिया चल रही थी। हालिया फैसले के बाद क्षेत्र में इस विषय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।