प्रेम-प्रसंग से भड़की हिंसा: युवक की हत्या के बाद टामटिया में आगजनी, 35 घर जले, हालात तनावपूर्ण
बांसवाड़ा, 27 अप्रैल । बांसवाड़ा जिले के मोटागांव थाना क्षेत्र स्थित टामटिया गांव में रविवार देर रात पुरानी रंजिश और प्रेम-प्रसंग को लेकर भड़की हिंसा ने भयावह रूप ले लिया। इस दौरान कुल्हाड़ी से हमला कर गोविंद (पुत्र छगनलाल) नामक युवक की हत्या कर दी गई, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष की बस्ती पर हमला बोलते हुए बड़े पैमाने पर आगजनी और तोड़फोड़ की। घटना के बाद सोमवार को भी गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार रविवार शाम करीब 6 बजे प्रेम-प्रसंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक बस्ती के युवक और दूसरी बस्ती की युवती के बीच लंबे समय से संबंध थे, जिसका युवती का परिवार विरोध कर रहा था। युवती के भाई ने कई बार युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद थमता नहीं दिखा। इसी तनाव के बीच रविवार को युवक ने युवती के भाई गोविंद पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और आरोपी पक्ष के घरों की ओर कूच कर गए। देखते ही देखते करीब 300 लोगों की भीड़ ने 35 घरों वाली बस्ती को घेर लिया। पहले सड़क पर लकड़ियां और पत्थर डालकर रास्ता जाम किया गया, फिर प्रदर्शन शुरू हुआ। कुछ देर बाद भीड़ उग्र हो गई और मशालों के साथ बस्ती में घुसकर घरों को आग के हवाले कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आगजनी इतनी अचानक और तेज थी कि बस्ती के लोग अपने घरों से सामान तक नहीं निकाल सके। कई लोग रसोई में बनी रोटियां छोड़कर ही जान बचाकर भागे। घरों में रखा अनाज, बिस्तर और घरेलू सामान जलकर राख हो गया, वहीं कई मवेशी भी आग की चपेट में आकर मर गए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया और उन्हें गांव में प्रवेश करने से रोक दिया। रास्तों में अवरोध डाल दिए गए, जिससे राहत और बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। देर रात तक चली मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कई घर पूरी तरह जल चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर लोहारिया, मोटागांव, खमेरा, गढ़ी और घाटोल सहित पांच थानों की पुलिस तैनात की गई है। गांव में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
शुरुआत में किसी भी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन बाद में परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीआई रूप सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है।
मृतक गोविंद का शव रातभर अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा, क्योंकि परिजन अत्यधिक आक्रोशित थे और पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजन राजी हुए। शव को जिला अस्पताल ले जाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
करीब 2100 की आबादी वाले टामटिया गांव में इस घटना के बाद भय और तनाव का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। फिलहाल गांव में हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।