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सेव द एलिफेंट डे पर विरोध: आमेर में हाथी सवारी बंद करने की मांग

जयपुर, 16 अप्रैल । सेव द एलिफेंट डे के अवसर पर राजधानी के जवाहर सर्किल पर युवाओं और पशु प्रेमियों ने पेंटेड हाथी फोटोशूट और हाथियों के उपयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि हाथी मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि संवेदनशील जीव हैं।

कार्यकर्ताओं ने आमेर किले में पर्यटकों के लिए कराई जाने वाली हाथी सवारी पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि हाथियों को कठोर परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ‘प्रोजेक्ट एलिफेंट’ द्वारा भी इस मुद्दे को पहले उठाया जा चुका है।

वाइल्डलाइफ कैंपेन मैनेजर शुभोब्रतो घोष ने बताया कि कैद में रखे गए हाथियों में मानसिक तनाव के लक्षण दिखाई देते हैं। हाल के वर्षों में काजीरंगा, त्रिपुरा और उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथियों से जुड़ी घटनाओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान सरकार से मांग की कि आमेर किले में हाथी सवारी को बंद कर हाथियों को सुरक्षित अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जाए।

गौरतलब है कि विश्व पशु संरक्षण संगठन के अनुसार भारत में 2500 से अधिक हाथी कैद में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कैद का वातावरण उनके प्राकृतिक जीवन के अनुकूल नहीं होता, क्योंकि जंगल में हाथी रोजाना 20 किलोमीटर से अधिक चलते हैं, जबकि कैद में यह संभव नहीं है।

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