गुप्त वृन्दावन में हुआ श्री बलराम का महाभिषेक के साथ जयघोष
श्री बलराम के प्राकट्य उत्सव भगवान् का विशेष श्रृंगार हुआ। दिन भर मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। संध्या समय पालकी उत्सव में भक्तों ने भगवान के नयनाभिराम दर्शन किये और भाव विभोर होकर नृत्य किया। बलराम पूर्णिमा पर भक्तों ने दिन भर मंदिर में हरे कृष्ण महामंत्र का जाप किया जिसके उच्चारण से सारा वातावरण दिव्य हो गया।
मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने श्री बलराम के प्राकट्य उत्सव की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया की बलराम कृष्ण के बड़े भाई है और वो हमे कृष्ण भक्ति में अग्रसर होने के लिए आध्यात्मिक बल देते है। उनके आशीर्वाद के बिना हम कृष्ण भक्ति प्राप्त नहीं कर सकते। गौरतलब है कि भगवान कृष्ण के बड़े भाई श्रीबलराम का प्राकट्य जन्माष्टमी के ठीक सात दिन पहले मनाया जाता है। जिसे बलराम पूर्णिमा कहा जाता है।