पेंशन, ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगने के मामलों में एसीबी ने पेश किए चालान
नूंह, 21 अक्टूबर । राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), गुरुग्राम ने भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किए हैं। इन मामलों में जिला समाज कल्याण विभाग, नूंह के सेवादार मुकेश कुमार, बिजली निगम के फोरमैन शौकत और लाइनमैन राकेश पर सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने के आरोप हैं। मामले वृद्धावस्था पेंशन बनवाने, बिजली ट्रांसफार्मर लगवाने और नया बिजली कनेक्शन जारी करवाने से संबंधित हैं।
पहले मामले में जिला समाज कल्याण विभाग, नूंह में तैनात ग्रुप-डी सेवादार मुकेश कुमार पर शिकायतकर्ता और उसके परिचित की वृद्धावस्था पेंशन बनवाने के बदले 9,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में 25 अगस्त 2026 को अभियोग संख्या 32 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में मामला दर्ज किया गया था। अब आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत में चालान पेश किया गया है।
दूसरे मामले में बिजली निगम के सब-डिवीजन नगीना में तैनात फोरमैन शौकत पर गांव बवाड़ीवास निवासी शिकायतकर्ता लियाकत से 25 हॉर्स पावर का बिजली ट्रांसफार्मर लगवाने के बदले 15,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव में बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण उसे बदलवाने के लिए वह संबंधित अधिकारी से मिला था। आरोप है कि इस कार्य के बदले रिश्वत की मांग की गई, जबकि शिकायतकर्ता 14,000 रुपये की व्यवस्था ही कर पाया था। इस मामले में 25 अगस्त 2026 को अभियोग संख्या 33 के तहत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत में चालान पेश किया है।
तीसरे मामले में तावड़ू स्थित बिजली निगम के एचकेआरएनएल सब-डिवीजन में तैनात लाइनमैन राकेश पर शिकायतकर्ता के बेटे शाहिद के नाम पर छह किलोवाट का नया बिजली कनेक्शन जारी करवाने के बदले 50,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के साथ निर्धारित सरकारी शुल्क भी जमा करा दिया था। आरोप है कि लाइनमैन राकेश और जुनैद ने कनेक्शन लगाने के बदले रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के पास 20,000 रुपये की व्यवस्था होने पर एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए राकेश को कथित रूप से 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में 27 अगस्त 2026 को अभियोग संख्या 36 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब आरोपी राकेश के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राहुल बिश्नोई की अदालत में चालान पेश किया गया है।
