हाई कोर्ट ने एससी-एसटी मामले में महिला पत्रकार के खिलाफ जांच पर नहीं लगाई रोक
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर । दिल्ली उच्च न्यायालय जस्टिस मिनी पुष्करणा की पीठ ने दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत की ओर से महिला पत्रकार के खिलाफ एससी एसटी मामले में दर्ज एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई दशहरा की छुट्टी के बाद की जाएगी।
सुनवाई के दौरान महिला पत्रकार की वकील तनवीर मीर ने कहा कि यह एफआईआर महिला पत्रकार की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद बदले की कार्रवाई के रूप में दर्ज कराई गई है। मीर ने कहा कि महिला पत्रकार की शिकायत पर अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
इससे पहले 15 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि फिलहाल महिला पत्रकार के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने आगे आदेश दिया कि वह पत्रकार, जिसकी कथित छेड़छाड़ की शिकायत अभी विचाराधीन है, उसे किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए।
पत्रकार की ओर से उच्चतम न्यायालय में सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने दलील दी थी कि जातिसूचक टिप्पणी का मामला बदले की भावना से दर्ज किया गया है, क्योंकि उनकी मुवक्किल ने पुलिस अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग बताया था।
