News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

News Chetna
Jharkhand

कर्म और योग का समन्वय ही जीवन में वास्तविक विजय का मार्ग : ब्रह्माकुमारी निर्मला

रांची, 13 अक्टूबर । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के हरमू रोड स्थित चौधरी बगान केंद्र की प्रशासक ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि कर्म और योग को साथ लेकर चलने से ही जीवन में वास्तविक विजय प्राप्त की जा सकती है। कर्मयोगी जीवनशैली ही नवदुर्गा की शक्ति का स्वरूप है। सद्गुणों को धारण करना और मन पर नियंत्रण रखना मानवता की जीत का मार्ग है।

ब्रह्माकुमारी निर्मला मंगलवार को हरमू केंद्र की ओर से 21 से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले निःशुल्क राजयोग ज्ञान शिविर के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य काम, क्रोध और अन्य विकारों के वश में हो जाता है, तो उसकी आंतरिक शक्ति कमजोर होने लगती है। इन बुराइयों पर विजय पाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का अभ्यास आवश्यक है।

ब्रह्माकुमारी निर्मला ने कहा कि शिव परमात्मा से योग जोड़कर आत्मिक शक्ति जागृत की जा सकती है। ज्ञान रूपी शस्त्र के माध्यम से ही आसुरी प्रवृत्तियों का सामना करना संभव है। भौतिक उपलब्धियां क्षणभंगुर होती हैं, जबकि आध्यात्मिक और मानसिक उपलब्धियां जीवन को स्थायी दिशा प्रदान करती हैं।

निर्मला बहन ने कहा कि कर्मयोगी जीवनशैली में शक्ति, ज्ञान, पवित्रता और सद्गुणों का समन्वय ही नवदुर्गा के स्वरूप का संदेश देता है। जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मन को विकारों से मुक्त करना और आध्यात्मिक अभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि निःशुल्क राजयोग ज्ञान शिविर 21 से 25 अक्टूबर तक रांची में चौधरी बगान क्षेत्र के हरमू रोड स्थित ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित होगा। शिविर में प्रतिदिन सुबह सात बजे से 10 बजे तक और शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक भाग लिया जा सकेगा।

शिविर में महिला, बच्चे, युवा सहित विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। इसका उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के अभ्यास के माध्यम से मानसिक शांति, आत्मिक शक्ति और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है।———

Leave a Reply