हाईकोर्ट ने दस साल की सजा को अपील के पेडिंग रहने तक किया निलंबित
जोधपुर, 12 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने जमीन विवाद में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न अपराधों में सजा पाए तीन आरोपिताें को बड़ी राहत दी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 10 साल जेल की सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित करते हुए तीनों को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने अपने फैसले में मामले के कानूनी बिंदुओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मामले में दोनों पक्षों के बीच जमीन विवाद, घटना में दोनों पक्षों के घायल होने और एक ही घटना को लेकर अलग-अलग जानकारी वाली दो एफआईआर दर्ज होना शामिल है। हाईकोर्ट ने कहा कि इन परिस्थितियों में वास्तविक हमलावर कौन था, यह तय करने के लिए पूरे साक्ष्य का विस्तृत पुनर्मूल्यांकन आवश्यक होगा। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जब अपील में गंभीर और विचारणीय आधार मौजूद हों तथा उसके शीघ्र निस्तारण की संभावना स्पष्ट न हो, तो अपील लंबित रहने के दौरान दोषसिद्ध व्यक्ति को लगातार जेल में रखना उचित नहीं हो सकता।
याचिकाकर्ता सुखदेव सिंह, कुलदीप सिंह और बुट्टा सिंह को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संख्या-1, अनूपगढ़, जिला श्रीगंगानगर ने 27 जनवरी 2026 को दोषी ठहराया था। ट्रायल कोर्ट ने तीनों को आईपीसी की धारा 307 के तहत अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अतिरिक्त, तीनों को आईपीसी की धाराओं 323/34, 324/34, 325/34 और 326/34 के तहत भी दंडित किया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए तीनों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की और अपील के अंतिम निर्णय तक सजा निलंबित करने की मांग की। राजस्थान हाईकोर्ट ने अब इन तीनों की अपील मंजूर करते हुए सजा को निलंबित कर दिया है।
