जातिवाद नहीं राष्ट्रवाद जरूरी, एकजुट नहीं हुए तो आने वाला समय बहुत कठिन : पं. धीरेंद्र शास्त्री
भोपाल/पन्ना, 12 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा सोमवार को पन्ना जिले के अमानगंज पहुंची। इस दौरान शास्त्री ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि देश में जातिवाद नही राष्ट्रवाद जरूरी है। उन्होंने चेताया कि यदि एकजुट नहीं हुए, तो आने वाला समय बहुत कठिन होगा।
दरअसल, सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। पांच दिवसीय इस यात्रा में करीब 500 किलोमीटर का सफर तय कर पांच जिलों से गुजरने का कार्यक्रम है। आयोजकों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य सनातन एकता, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और लव जिहाद से मुक्त बुंदेलखंड का संदेश देना है। सोमवार को रथयात्रा पन्ना जिले के अमानगंज पहुंची, जहां रास्ते में श्रद्धालुओं ने पं. धीरेंद्र शास्त्री का जेसीबी से फूल बरसाकर स्वागत किया। स्वागत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी है। उन्होंने हिंदू समाज से एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी हिंदू एकजुट नहीं हुए, तो आने वाला समय बहुत खराब हो सकता है।
खाटू श्याम सेवा समिति के स्वागत के दौरान उन्होंने अमानगंज के लोगों से भी एकजुट होने और बागेश्वर धाम आने की अपील की। यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाते रहे। रविवार को पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के कार्यक्रम के साथ अमानगंज होते हुए आगे रवाना हुई। धीरेंद्र शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात वचनों की शपथ दिलाई।
पन्ना में यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। रघु लीला पैलेस से शुरू होकर यात्रा अजयगढ़ चौराहे, गांधी चौक, पावर हाउस चौक, बादशाह साईं चौराहे और डायमंड चौराहे से गुजरी। अजयगढ़ में पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कई स्थानों पर आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। गांधी चौक से धीरेंद्र शास्त्री करीब 200 वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़े। सतना बैरियर पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर उनका स्वागत किया। तारा गांव में स्कूली छात्र-छात्राएं और शिक्षक दर्शन के लिए कक्षाओं से बाहर आए। द्वारी गांव में शास्त्री ने लोगों से शराब और अन्य नशे से दूर रहने की अपील की।
धीरेंद्र शास्त्री के स्वागत के लिए अमानगंज को फूलों से सजाया गया था। महिलाएं कलश लेकर मंत्रोच्चार करती नजर आईं। उनके स्वागत के लिए जेसीबी की मदद से करीब 20 फीट लंबी फूलों की माला पहनाने की तैयारी भी की गई। खाटू श्याम सेवा संस्था के सदस्य पीयूष गोयल ने बताया कि उनका संगठन पंजीकृत है और सभी सदस्य बाबा श्याम के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा से शास्त्री ने उनका स्वागत स्वीकार किया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भी अपने अनुभव साझा किए।
गौरतलब है कि यात्रा के पहले दिन धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था, ‘चाहे जितने विरोधी आएं, प्राण चले जाएं, तो भी धर्म नहीं छोड़ना है।’ उन्होंने सनातनियों की एकता को भारत की मजबूती से जोड़ते हुए लोगों से एकजुट रहने की अपील की। यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को दमोह जिले के हटा में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद रथयात्रा बुंदेलखंड के अन्य जिलों से होते हुए आगे बढ़ेगी। पांच दिवसीय यात्रा का उद्देश्य सनातन एकता, सामाजिक समरसता और नशामुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
