डॉ. सीआर लाहा के निधन से रांची विवि ने खोया एक विद्वान शिक्षाविद : कुलपति
रांची, 21 सितंबर । रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सीआर लाहा के निधन पर सोमवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय में शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सीआर लाहा के निधन से विश्वविद्यालय ने एक विद्वान शिक्षाविद्, समर्पित अकादमिक प्रशासक तथा साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व को खो दिया है। उनका निधन रांची विश्वविद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि डॉ. लाहा ने रांची विश्वविद्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन किया। वे 29 अक्टूबर 1997 से 2 अप्रैल 1998 तक रांची विश्वविद्यालय के 26वें कार्यवाहक कुलपति रहे। इससे पहले उन्होंने 1996 से 2000 तक यूजीसी-ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर, रांची विश्वविद्यालय के निदेशक के रूप में सेवाएं दीं। वे रांची विश्वविद्यालय के बांग्ला विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे।
कुलपति ने कहा कि डॉ. लाहा का साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा। उनके शोध कार्यों और पुस्तकों ने अकादमिक जगत को समृद्ध किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने प्रत्येक दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और गरिमा के साथ किया। उनका निधन विश्वविद्यालय की अकादमिक और बौद्धिक परंपरा के लिए बड़ी क्षति है।
शोकसभा में कुलसचिव, डीआर-वन, डीआर-टू, वित्त पदाधिकारी, वित्त सलाहकार, डीएसडब्ल्यू, प्रॉक्टर सहित विश्वविद्यालय के वरीय पदाधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग उपस्थित थे।———-