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वकीलों के साथ कथित मारपीट मामले की सीबीआई जांच की मांग खारिज

नई दिल्ली, 21 सितंबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वकीलों के साथ कथित मारपीट के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग खारिज कर दी है। जस्टिस गिरीश कथपलिया की बेंच ने सोमवार को कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कुणाल यादव ने दलील दी कि मनन कुमार मिश्रा भाजपा के सांसद हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। इस पर कोर्ट ने असहमति जताते हुए कहा कि ये दलील दिल्ली पुलिस की छवि को खराब करने की कोशिश है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि अगर पुलिस जांच नहीं करेगी, तो सीसीटीवी फुटेज जब्त या सुरक्षित कराने में परेशानी होगी। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए निचली अदालत के मजिस्ट्रेट के पास आवश्यक शक्तियां उपलब्ध हैं। कोर्ट ने फैसला करते समय इस बात पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक है।

इसके पहले 3 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने भी चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वकीलों के साथ कथित मारपीट के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। उस समय उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय जाने को कहा था। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से उच्चतम न्यायालय में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि वकीलों के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना बीसीआई परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकार्ड हुई है। प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया था कि इस घटना के बाद बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने एक प्रेस बयान जारी किया था, जिसमें प्रदर्शनकारी वकीलों को लीगल काकरोच कहा गया और उनके साथ कथित मारपीट को लेकर गर्व जताया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी वकीलों से मारपीट की गई, इसलिए घटना की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने वकीलों की ओर से प्रदर्शन के तरीके पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि वकील एक अनुशासित वर्ग का हिस्सा होते हैं और शिकायतों के समाधान के लिए संस्थागत तंत्र का उपयोग किया जाना चाहिए। न्यायिक व्यवस्था के अधिकारी के रूप में वकीलों से अपेक्षा की जाती है कि वे उच्चतम न्यायालय के निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करें न कि सार्वजनिक प्रदर्शन का सहारा लेना चाहिए।

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