नर्सिंग कॉलेज भवन का भूमिपूजन, जिले के युवाओं को मिलेगा नया अवसर
बलरामपुर, 17 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत बलरामपुर में 60 सीटों वाले नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन किया गया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज गुरुवार को जिला मुख्यालय के मरियम पारा में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन की आधारशिला रखी। महाविद्यालय भवन के लिए 2 एकड़ 80 डिसमिल भूमि आवंटित की गई है। इसके निर्माण से जिले में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय शुरू होने से जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव आएगा। अब तक जिले के विद्यार्थियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन महाविद्यालय शुरू होने के बाद उन्हें अपने ही जिले में यह सुविधा मिल सकेगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़कर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का क्षेत्र भी है। महाविद्यालय जिले के युवाओं, विशेषकर बेटियों को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर देगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए इसे सेवा संकल्प अभियान की भावना से जुड़ी पहल बताया।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय जिले के युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन स्वरोजगार शुरू करने के लिए महिलाओं को कई बार ऋण और वित्तीय सहायता पर निर्भर रहना पड़ता है। नर्सिंग प्रशिक्षण के माध्यम से जिले की युवतियों को रोजगार का स्थायी क्षेत्र मिल सकता है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता लगातार बनी रहती है।
कलेक्टर ने कहा कि बड़े शहरों में कामकाजी परिवारों में बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता रहती है। ऐसे में नर्सिंग का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों के लिए रोजगार के अवसर केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने नागरिकों और महिलाओं से महाविद्यालय के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की, ताकि भविष्य में इसकी सीटों की संख्या 60 से बढ़ाकर 100, 150 और 200 तक की जा सके। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित होकर निकलने वाली बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी और उनकी शिक्षा परिवार के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर 2025 को नर्सिंग महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 868.35 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 25 फरवरी 2026 को 812.30 लाख रुपये की लागत से निर्माण का अनुबंध किया। निर्माण कार्य 18 माह में पूरा किया जाना है और इसकी निर्धारित समय-सीमा 25 अगस्त 2027 है।
डीपीआर के अनुसार महाविद्यालय भवन दो मंजिला होगा और इसका प्लिंथ एरिया 1287 वर्गमीटर रहेगा। भूमि समतलीकरण के बाद भवन की स्ट्रक्चरल ड्राइंग और डिजाइन भी तैयार की जा चुकी है। निर्माण पूरा होने के बाद महाविद्यालय में नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
महाविद्यालय शुरू होने के बाद बलरामपुर-रामानुजगंज जिले सहित आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर नर्सिंग शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को जिला चिकित्सालय में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। घर के नजदीक पढ़ाई की सुविधा मिलने से परिवारों पर होने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। वहीं जिले में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होने से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। गौतम सिंह, गोपाल मिश्रा, अजीत सिंह, विजय प्रताप सिंह, स्वर्णलता प्रीतम, मुकेश गुप्ता और एस.एन. चौबे सहित गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ डॉ. विजय सिंह सहित अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।