मरीज को खटिया पर ढोकर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल
पश्चिमी सिंहभूम, 13 सितंबर । पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की बदहाल स्थिति को उजागर करने वाला वीडियो सामने आया है। सात सितंबर के बताए जा रहे वीडियो में चार ग्रामीण एक बीमार व्यक्ति को खटिया पर उठाकर ले जाते नजर आ रहे हैं। मरीज की पहचान बोकना गांव के तिरिलपी टोला निवासी मणकी सिद्धू के रूप में हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार तिरिलपी टोला तक पक्की सड़क नहीं है। टोला के समीप नदी पर बनी छोटी पुलिया बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर डूब जाती है। इसके कारण ग्रामीणों का संपर्क बाधित हो जाता है। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए करीब तीन किलोमीटर तक खटिया पर ढोकर ले जाना पड़ता है। मणकी सिद्धू को भी इसी तरह पहले खटिया से मुख्य मार्ग तक लाया गया और फिर वाहन से नोवामुंडी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें चाईबासा रेफर कर दिया, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार उन्हें आगे नहीं ले जा सका। इलाज का खर्च जुटाने में असमर्थ परिजन 10 सितंबर को उन्हें वापस गांव ले आए।
इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री सह पूर्व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने रविवार को प्रेस वार्ता कर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नोवामुंडी देश-विदेश में खनन क्षेत्र के लिए जाना जाता है और यहां टाटा और सेल जैसी कंपनियां कार्यरत हैं, लेकिन खनन क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
गागराई ने डीएमएफटी और सीएसआर फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इन योजनाओं का सही उपयोग हो रहा होता तो ग्रामीणों को मरीज खटिया पर ढोकर ले जाने को विवश नहीं होते। उन्होंने सड़क, पुलिया, अस्पताल और 108 एंबुलेंस व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा आंदोलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर मामला लोकसभा, राज्यसभा तथा सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा।