नेपाल बाढ़ : दस दिन बाद भी रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर में नहीं पहुंच पाई रेस्क्यू टीम, 93 कर्मचारी हैं संपर्कविहीन
काठमांडू, 05 सितंबर । नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा जिले में स्थित रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना के पावरहाउस की सुरंग में फंसे कर्मचारियों तक अब तक रेस्क्यू टीम नहीं पहुंच सकी है। सुरंग के भीतर करीब 12 कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है, जबकि परियोजना में काम करने वाले 93 लोग अब भी संपर्कविहीन बताए जा रहे हैं।
परियोजना प्रबंधन के मुताबिक, शुक्रवार शाम तक भी बचाव अभियान के लिए जरूरी सभी उपकरण परियोजना स्थल तक नहीं पहुंचाए जा सके। रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर कंपनी से संपर्कविहीन 93 कर्मचारियों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है।
कंपनी के अनुसार, संपर्क से बाहर लोगों में 51 नियमित कर्मचारी, एक संचालक, दो दैनिक मजदूर और तीन ठेकेदार कंपनियों के 39 कर्मचारी शामिल हैं। पावरहाउस की सुरंग में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए सबसे पहले सुरंग में जमा कीचड़ और मलबे को हटाना जरूरी है।
इसके लिए मिनी एक्स्कावेटर, 30 केवीए डीजल जनरेटर, सबमर्सिबल पंप और होज पाइप समेत आवश्यक उपकरण 2 अगस्त को ही नुवाकोट के मैथली आर्मी कैंप, बट्टार में पैक कर दिए गए थे। इन उपकरणों को धुन्चे के रास्ते परियोजना स्थल तक पहुंचाने की योजना थी।
नेपाली सेना की बचाव टीम ने जब पावरहाउस तक पहुंचने के लिए इलाके की रेकी की तो सामने आया कि पावरहाउस के पास नदी ने और अधिक कटाव कर दिया है। सेना के मुताबिक, भारी उपकरणों के साथ बड़े एमआई-17 हेलीकॉप्टर को वहां उतारना संभव नहीं है।
इसके बाद कम क्षमता और कम वजन वाले जनरेटर की व्यवस्था की गई। मिनी एक्स्कावेटर और बड़े डीजल जनरेटर को छोड़कर बिजली से संबंधित अन्य उपकरण और जरूरी सामग्री धुन्चे तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन ये सामान अभी भी धुन्चे में ही रखा हुआ है।
पावरहाउस के बाहर लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए कंपनी ने नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन से जुड़े अनुभवी रॉक क्लाइंबरों की टीम को भी अभियान में उतारा है।
कंपनी ने 3 अगस्त को हिमालय समिट क्लब प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया था। इसके तहत रॉक क्लाइंबरों को घट्टेखोला कैंप और आसपास के ऊंचे इलाकों में चार दिनों के लिए ग्राउंड सर्च के लिए तैनात किया गया है।
कंपनी के अनुसार, टीम फिलहाल टिमुरे में है और उसे एक अन्य हेलीकॉप्टर से घट्टेखोला ले जाकर तलाशी अभियान चलाने की योजना है।
कंपनी ने कर्मचारियों और संपर्कविहीन कर्मचारियों के परिवार एवं रिश्तेदारों को बचाव अभियान की स्थिति की नियमित जानकारी देने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के जरिए तलाशी और बचाव अभियान के दौरान सामने आने वाली जानकारी तथा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी साझा की जा रही है।
कंपनी के संचालक भी नियमित रूप से कार्यालय में मौजूद रहकर परिजनों को स्थिति की जानकारी देने की व्यवस्था कर रहे हैं।
खोज और बचाव अभियान के लिए आवश्यक समन्वय के उद्देश्य से नुवाकोट के बट्टार में एक वरिष्ठ इंजीनियर समेत दो लोगों को तैनात किया गया है। वहीं, रसुवा के धुन्चे में दो इंजीनियरों को तैयार रखा गया है।
पावरहाउस में बचाव दल को बिजली कनेक्शन से जुड़े कार्यों में मदद देने के लिए एक इलेक्ट्रिकल ओवरसियर भी तैनात है।
कंपनी के मुताबिक, धुन्चे में नेपाली सेना की विशेष बचाव टीम भी मौसम अनुकूल होने का इंतजार कर रही है। मौसम साफ होते ही टीम जरूरी उपकरणों के साथ पावरहाउस पहुंचकर बचाव अभियान में शामिल होगी।
बाढ़ के 10 दिन बाद भी सुरंग तक पहुंचने में आ रही बाधाओं ने रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब सभी की नजर मौसम में सुधार और जरूरी भारी उपकरणों को परियोजना स्थल तक पहुंचाने पर है।————-