हिमंता सरमा और निशिकांत दुबे के खिलाफ एफआईआर की मांग पर दिल्ली पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब
नई दिल्ली, 31 अगस्त । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुस्लिमों और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने 18 सितंबर को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
सोमवार को हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ दर्ज मामले में भजनपुरा थाने की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया कि ये मामला उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है और ये वेलकम थाने के तहत आता है। इस मामले को 23 अगस्त को वेलकम थाना भेज दिया गया था। उसके बाद कोर्ट ने वेलकम थाने के एसएचओ को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हौज खास थाने ने रिपोर्ट दाखिल कर कहा है कि ये मामला मालवीय नगर थाने के क्षेत्राधिकार में आता है। उसके बाद कोर्ट ने मालवीय नगर थाने के एसएचओ को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।
हर्ष मांदर ने अपनी याचिका में हिमंता बिस्वा सरमा के दिल्ली सरकार की ओर से मौलवियों को पैसे देने के आदेश को लेकर दिए कथित भड़काऊ भाषण का जिक्र किया है। याचिका में निशिकांत दुबे का पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के बारे में वक्फ कानून को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया गया है। हर्ष मांदर की याचिका में कहा गया है कि निशिकांत दुबे ने एसवाई कुरैशी को मुस्लिम कमिश्नर कहा, जो भड़काऊ बयान है और ये सांप्रदायिकता फैलाने वाला है। याचिका में हिमंता बिस्वा सरमा के बारे में कहा गया है कि उनका भाषण भी भड़काऊ भाषण की श्रेणी में आता है।