मुख्यमंत्री का युवा सीएलजी सदस्य एवं सुरक्षा सखियों से संवाद
जयपुर, 18 अगस्त । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार के प्रयास एवं जन भागीदारी से राजस्थान सुरक्षित और अपराधमुक्त हो रहा है। युवा सीएलजी सदस्य और सुरक्षा सखियां सहयोग एवं समन्वय से समाज में समरसता लाने एवं कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अग्रदूत साबित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में युवा सीएलजी सदस्यों एवं सुरक्षा सखियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के निर्माण में पुलिस के साथ समाज की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। नशे और साइबर अपराध के खिलाफ महिला एवं युवा शक्ति को मिलकर प्रभावी प्रहार करें।
मुख्यमंत्री ने किया महिला सुरक्षा संकल्प अभियान पत्रिका का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा संकल्प अभियान पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से सुरक्षा सखियों एवं युवा सीएलजी सदस्यों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किये। मुख्यमंत्री ने युवा सीएलजी सदस्यों और सुरक्षा सखियों से अपनी जिम्मेदारी को समाज सेवा और सुरक्षा के संकल्प के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र को आत्मसात कर राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। सरकार किसान, युवा, महिला और गरीब को केंद्र में रखकर विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा देश के कर्णधार हैं, उनकी सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाना जरूरी है। युवा महापुरुषों की जीवनी पढ़ें और उनके तप, त्याग एवं आदर्शों को जीवन में अपनाएं। सुरक्षा सखी और युवा सीएलजी सदस्य अपराधों की रोकथाम के साथ यातायात व्यवस्था, रक्तदान, पौधारोपण, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान में भी सहयोग करें। बेहतर कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा सीएलजी में 18 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं को जोड़ा गया है। साथ ही, समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में बीट स्तर पर 61 हजार से अधिक, थाना स्तर पर 11 हजार से अधिक तथा जिला स्तर पर करीब 2 हजार युवा सीएलजी सदस्य चयनित किये गए हैं।
महिलाओं में विश्वास का दूसरा नाम बनीं सुरक्षा सखियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा सखी योजना महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस की महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक थाने पर 20 से 30 सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है और अब तक प्रदेश में करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन हो चुका है, इनमें आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, अध्यापिका, प्राचार्य तथा महिला कार्मिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सखियों की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, उनका दायित्व महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है।
नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा जागरूकता में युवा निभाएं भूमिका
उन्होंने युवा सीएलजी सदस्यों से अपने क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखने, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक युवा का भविष्य खराब नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का युवा नशे और अपराध से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और नेतृत्व की भूमिका निभाने वाला बने।
सीएलजी सदस्य पुलिस और जनता के बीच सेतु
उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास का मजबूत सेतु हैं। एक छोटी-सी सूचना भी किसी बड़ी घटना को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने सीएलजी सदस्यों से छोटे विवादों, पड़ोस के झगड़ों और आपसी कहासुनी जैसे मामलों में अपने स्तर पर विवेकपूर्ण और निष्पक्ष समझाइश एवं सुलह का प्रयास करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस और आमजन के प्रति संवेदनशीलता की नीति पर काम कर रही है। सरकार की मंशा है कि कानून तोड़ने वालों के साथ सख्ती हो और पीड़ितों को पुलिस से सम्मान और संवेदनशील व्यवहार मिले।
युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी भर्ती पर फोकस
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पेपरलीक के दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए एसआईटी का गठन किया। पेपरलीक के मामलों में एसआईटी 569 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के आयोजित की गई हैं। करीब 1 लाख 89 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। निजी क्षेत्र में भी साढ़े चार लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 14 लाख साइकिलों का वितरण किया गया है तथा 46 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान की गई हैं। मा वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4 लाख 82 हजार से अधिक कूपन जारी किए गए हैं। वहीं 19 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने वाले प्रदेश के रूप में पहचान मजबूत की है। अच्छी कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन अपराध की रोकथाम और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आमजन का सहयोग जरूरी है।
कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा सखियां एवं युवा सीएलजी सदस्य उपस्थित रहे। वहीं, अन्य जिलों की महिला सुरक्षा सखियां एवं युवा सीएलजी सदस्य वीसी के माध्यम से आयोजन से जुड़े।