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आत्मचिंतन और साधना का महापर्व: जयपुर के शक्तिपीठों में उमड़ेगा गुरु पूर्णिमा का उल्लास

जयपुर, 27 जुलाई । अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से जयपुर स्थित तीनों शक्तिपीठों और प्रमुख चेतना केन्द्रों पर गुरु पूर्णिमा का महापर्व धूमधाम एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि गुरु पूर्णिमा आत्मचिंतन, साधना और गुरुसत्ता के प्रति समर्पण का महापर्व है। इस जन्मशताब्दी वर्ष में श्रद्धालु नई ऊर्जा, नए संकल्प और लोकमंगल की भावना के साथ गुरुकार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।

गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी में सोमवार को महिला मंडल द्वारा सामूहिक रूप से गुरु गीता का संगीतमय पाठ किया गया। इस अवसर पर सह समन्वयक गायत्री कचोलिया ने गुरु गीता का आध्यात्मिक महत्व समझाया।

अखंड जप 28 जुलाई को व्यवस्थापक सोहन लाल शर्मा के अनुसार, 28 जुलाई को प्रातः 6 से सायं 6 बजे तक अखंड गायत्री मंत्र जप किया जाएगा।

महायज्ञ एवं संस्कार 29 जुलाई को प्रातः 9 से 11 बजे तक नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ, गुरु पूजन, पर्व पूजन एवं गुरु दीक्षा संस्कार आयोजित किए जाएंगे।

गायत्री शक्तिपीठ, वाटिका- शक्तिपीठ में षट्कर्म एवं पंचोपचार पूजन के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक गुरु गीता का पाठ किया। व्यवस्थापक रणवीर सिंह चौधरी ने बताया कि मंगलवार को गुरु पूर्णिमा का मुख्य महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।

श्री वेद माता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र किरण पथ, मानसरोवर- 28 जुलाई को प्रातः से सायं 6 बजे तक सामूहिक गायत्री मंत्र जप और सायं 6 बजे दीपयज्ञ का आयोजन होगा। 29 जुलाई को प्रातः साढ़े 8 बजे से नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ प्रारंभ होगा। पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।

गायत्री शक्तिपीठ, कालवाड़ में 24 घंटे की अखंड साधना: – मुख्य व्यवस्थापक धर्मवीर सिंह राजावत ने बताया कि 28 जुलाई प्रातः 6 से 29 जुलाई प्रातः 6 बजे तक 24 घंटे का अखंड जप होगा। 29 जुलाई को प्रातः9 बजे से दोपहर 12 बजे तक गुरुचरण वंदना, गुरु दीक्षा, विभिन्न संस्कार और पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न होगा। इस दौरान साधना वर्ष में सहभागी साधकों से साधना प्रपत्र भी भरवाए जाएंगे।

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