मधुमक्खी पालन महिलाओं के लिए आजीविका का बेहतर विकल्प : दीपिका
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की पहल पर झारखंड मधु आजीविका किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) की ओर से तैयार पलाश शहद को बाजार में लॉन्च किया गया।
पहले चरण में मेलिफेरा शहद, सेराना प्रीमियम शहद और जंगली वन शहद नाम से तीन वैरायटी बाजार में उपलब्ध कराई गई है। इसका शुभारंभ राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इटकी प्रखंड के लुपुंग गांव में गुरुवार काे किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि कृषि के साथ-साथ ग्रामीण महिलाएं अब मधुमक्खी पालन भी उनकी आजीविका का बेहतर विकल्प बन रहा है।
झारखंड के जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार प्राकृतिक शहद की गुणवत्ता उत्कृष्ट है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ मधुमक्खी पालन को जोड़कर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है और पलायन को काफी हद तक रोका जा सकता है। विभाग की ओर से महिलाओं को मधुमक्खी पालन के लिए प्रशिक्षण और बी-बॉक्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि भविष्य में 09 हजार महिलाओं को मधुमक्खी पालन से जोड़ने की योजना है। साथ ही शहद आधारित अन्य उत्पाद भी विकसित किए जाएंगे।
एफपीओ ने 29 अप्रैल से 31 मई के बीच 500 बी-बॉक्स से एक मीट्रिक टन शहद का उत्पादन किया है। वर्तमान में रांची, खूंटी, सिमडेगा और लातेहार के 10 प्रखंडों में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर शहद उत्पादन कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में संस्था ने 13 करोड़ रुपये के व्यवसायिक लेन-देन का लक्ष्य निर्धारित किया है।