गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ उसकी प्रोसेसिंग भी जरूरीः प्रहलाद पटेल
भोपाल, 12 अप्रैल । मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने उन्नत कृषि महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को आयोजित एफपीओ मीट को संबोधित करते हुए कहा कि केवल उत्पादन करना ही काफी नहीं है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और उसकी प्रोसेसिंग भी जरूरी है।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय स्थित दशहरा मैदान में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव के दूसरे दिन उन्नत कृषि विषय पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इसी क्रम में सेमीनार हॉल-1 में एफपीओ मीट का आयोजन किया गया, जिसमें केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा सहित विधायकगणों, वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों तथा किसानों द्वारा सहभागिता की गई।
इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि एफपीओ कृषक उत्पादक संगठन की स्थापना छोटे-छोटे किसानों को एक मंच पर लाकर उनकी आय बढ़ाना और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य के साथ की गई। इसकी आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि पहले किसानों को जो बीज मिलता था, वह कई बार ऊगता ही नहीं था। इसी प्रकार किसी दवाई या कीटनाशक के उपयोग से फसल को ही नुकसान होने या नकली खाद देने की स्थिति में संबंधित पर कार्रवाई नहीं हो पाती थी। बिचौलिए भी किसानों की मेहनत की उपज का सही दाम नही देते थे और स्वयं कई गुना लाभ कमाते है। इन कठिनाईयों से किसानों को बचाने के लिए एफपीओ की स्थापना की गई।
मंत्री पटेल ने कहा कि किसानों के बीच भरोसा बढ़ाने और उत्पाद की गांरटी के लिए एफपीओ की स्थापना की गई, जिसमें किसानों को सामूहिक शक्ति प्रदान कर बिचौलियों की श्रृंखला को समाप्त करने पर काम किया गया ताकि फसल का उचित मूल्य सीधे किसानों को मिल सके। इसके अलावा छोटे किसान जो व्यक्तिगत रूप से बीज, खाद या मशीनरी महंगे में खरीदते हैं, उन्हें एफपीओ के माध्यम से थोक दर पर इनपुट (बीज, उर्वरक, पेस्टिसाइड) कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार किसानों को उत्पाद की मार्केटिंग, ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग की सुविधा मिली है जिससे कि वह केवल कच्चा माल नहीं बेचते बल्कि वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) के द्वारा अधिक लाभ कमाते हैं। इसके अलावा एफपीओ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम भी करता है। इस दौरान एफपीओ से जुड़े किसानों द्वारा भी अपने अनुभव साझा किए गए।