राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर मेदिनीनगर और सतबरवा में भव्य हिन्दू सम्मलेन
पलामू, 10 अप्रैल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर देश भर में 01 लाख 08 स्थानों पर हिन्दू सम्मलेन आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। इसकेे तहत जिला मुख्यालय मेदिनीनगर और सतबरवा में 12 अप्रैल को भव्य आयोजन होगा। इसके माध्यम से समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा। परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता को मजबूत करना इस कार्यक्रम का लक्ष्य है।
मेदिनीनगर में होने वाले आयोजन को लेकर शुक्रवार दोपहर आरडीएस रमाडा में प्रेस वार्ता की गई। हिंदू सम्मेलन समिति के अध्यक्ष रामदास साहू ने बताया कि यह सम्मेलन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने, आपसी सहयोग की भावना को प्रबल करने और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास है।
यह हिंदू सम्मेलन रविवार को शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक कला एवं विरासत का प्रदर्शन और समाज के प्रबुद्ध एवं प्रतिष्ठित व्यक्तियों के प्रेरणादायक उद्बोधन मुख्य आकर्षण होंगे। विशेष रूप से युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा। मौके पर समिति के अध्यक्ष ने संरक्षक मंडली की भी घोषणा की जो कार्यक्रम में मार्गदर्शन करेंगे।
संयोजक सुरेन्द्र विश्वकर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है और एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। वक्ता के रूप में 1008 सीता राम शरण, साध्वी लाडली शरण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र कार्यवाह विनेश अपने विचार रखेंगे।
सचिव कुमार गौरव ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समस्त हिंदू समाज को एकजुट करना है।
प्रेस वार्ता में समिति के सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, सचिव कुमार गौरव, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकाश तिवारी, पंकज जयसवाल, विनीत पाण्डेय, सूर्यकांत पासवान सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
समिति ने सभी नागरिकों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
इधर, ट्रेनिंग कॉलेज सतबरवा स्थित बागवानी परिसर में होने वाले कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई। आयोजन समिति के पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रचार प्रसार कर रहे हैं। प्रखंड के सभी पंचायतों में पंचायत प्रभारी और अध्यक्षों के माध्यम से गांव-गांव में बैठक की जा रही है। घर-घर जाकर निमंत्रण देकर सम्मेलन में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।