संसद सुरक्षा चूक मामले के चार आरोपितों की न्यायिक हिरासत 11 अप्रैल तक बढ़ी
नई दिल्ली, 07 अप्रैल । दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा में चूक के चार आरोपितों की न्यायिक हिरासत 11 अप्रैल तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने इस मामले की आरोपित नीलम आजाद के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर 11 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया।
मंगलवार को आरोपित नीलम आजाद की ओर से पेश वकील बीएस मलिक ने आरोपों पर आंशिक रुप से मौखिक दलीलें रखीं। आज सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपित कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में 13 मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय ने संसद सुरक्षा चूक की आरोपित नीलम आजाद की जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए उसे अपने गृह जिले हरियाणा के जींद में रहने की इजाजत दे दी थी। उच्च न्यायालय ने जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए हर महीने की 15 तारीख को संबंधित जांच अधिकारी को रिपोर्ट करने का आदेश दिया था।
इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 जुलाई 2025 को दो आरोपितों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने 7 जून, 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट करीब एक हजार पन्नों की है।
घटना 13 दिसंबर, 2023 की है, जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपित चैंबर में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की। कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया। संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।