जींद: बालिका वधु बनने से बची नाबालिग, उम्र थी 16 साल
जींद, 26 मार्च । लोन गांव के बाद अब जींद में भी एक नाबालिग बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की सर्तकता से गुरूवार को बालिका वधु बनने से बच गई। बाल विवाह की सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंच कार्रवाई करते हुए नाबालिग की शादी को रूकवाया और साथ ही परिजनों को विवाह न करने के लिए जानकारी दी। परिजनों ने आश्वासन दिया कि अब वह बालिग होने पर ही विवाह करेंगे।
बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को सूचना मिली थी कि जींद के भिवानी रोड पर एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है और बारात द्बक्ततेहाबाद से आई हुई है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए रवि लोहान, महिला सिपाही आरती, मोनिका, पूजा, दीपक, सामाजिक संगठन मिशन टू द डेस्परेट एंड डेस्टिट्यूट (एमडीडी) ऑफ इंडिया की टीम मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। टीम द्वारा लड़की के परिवार वालों से लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों द्वारा टाल मटोल की जाने लगी। जब सख्ती से जांच की गई तो सामने आया कि लड़की की उम्र 16 वर्ष है और फतेहाबाद से बारात लेकर पहुंचा दुल्हा 25 वर्ष का है। जिस पर उसके परिजनों द्वारा बताया गया कि लड़की के माता-पिता अनपढ़ है और उन्हें किसी कानून की कोई जानकारी नही है। इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आपकी लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके बावजूद भी अगर आप नाबालिग लड़की की शादी करते हैं तो आप सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर परिवार सहमत हो गया तथा शादी को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित बयान दिए कि वह कानून की पालना करेंगे तथा लड़की के बालिग होने पर ही उसकी शादी करेंगें।