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खूंटी से एक लाख के इनामी पीएलएफआई एरिया कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

खूंटी, 18 मार्च । प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफ़ुल्ल मुंडा (30) वर्ष ने बुधवार को खूंटी की उपायुक्त आर रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

मौकेे पर उपायुक्त ने गुलदस्ता देकर उसका स्वागत किया। प्रफुल्ल के खिलाफ विभिन्न थानों में 22 मामले दर्ज हैं। सरकार की ओर से प्रफुल्ल के खिलाफ एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण के दौरान प्रफुल्ल की पत्नी और बच्चा भी मौजूद थे। मौके पर जिले के पुलिस कप्तान मनीष टोप्पो ने कहा कि

झारखंड सरकार के नक्सल मुक्त राज्य के संकल्प के तहत चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडा ने सरकारी आत्मासर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने का निर्णय लिया।

हाबिल मुरहू प्रखंड के कोड़ाकेल पंचायत अंतर्गत बम्हनी गांव का निवासी है। उसके खिलाफ मुरहू, खूंटी, कर्रा और तोरपा थाना में उग्रवादी हिंसा सहित अन्य संगीन मामलों को लेकर करीब 22 मामले दर्ज हैं।

खूंटी पुलिस कार्यालय में आयोजित सादे समारोह में उपायुक्त आर रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के समक्ष उसने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उपायुक्त ने उसे एक लाख रुपये के चेक का प्रतीकात्मक भेंट किया। मौके पर उसकी पत्नी रंदाय कंडीर अपने पांच माह के पुत्र निलेश मुंडू के साथ मौजूद थी।

एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि हाबिल मुंडू (30) पर झारखंड पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण के दौरान उसने 09 एमएम पिस्टल, 7.65 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा, 13 कारतूस और दो वॉकी-टॉकी पुलिस को सौंपे।

उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान से उग्रवादी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति नई दिशा का भी सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है।

एसपी के अनुसार, संगठन के भीतर शोषण, भय और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से परेशान होकर कई उग्रवादी संगठन छोड़ रहे हैं या आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

उपायुक्त आर रॉनिटा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी जिला प्रशासन उठाएगा। उन्होंने शेष उग्रवादियों से भी अपील किया कि वे सरकार की नई दिशा नीति से जुड़कर आत्मसमर्पण करें और सामान्य जीवन की ओर लौटें। मौके पर खूंटी के एसडीपीओ वरुण रजक, तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा, खूंटी के थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह सहित काफी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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