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निरंतर आगे बढ़ रही हैं भारतीय महिलाएं : न्यायमूर्ति बृजराज सिंह

लखनऊ, 14 मार्च । अधिवक्ता परिषद अवध प्रान्त की ओर से शनिवार को महिला अधिवक्ता सम्मेलन का आयोजन बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी के डॉ. अखिलेश दास ऑडिटोरियम में किया गया। इस सम्मेलन में अधिवक्ता परिषद अवध की 16 इकाइयों और लखनऊ उच्च न्यायालय इकाई से महिला अधिवक्ताओं ने प्रतिभाग किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति बृज राज सिंह ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि यदि आप किसी समाज कि उन्नति को देखना चाहते हैं तो ये देखना चाहिए कि उस समाज की महिलाओं ने कितनी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ये निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि भारतीय महिलाओं ने बहुत प्रगति की है और निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

न्यायमूर्ति बबिता रानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिला अधिकारों को उल्लिखित कर भारतीय संविधान के प्रावधानों का उल्लेख किया और महिलाओं को सामाजिक प्रतिबंधों से बाहर निकालकर अपना अदम्य साहस दिखाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में महिला आयोग द्वारा नारी सशक्तिकरण कि दृष्टि से उठाए जा रहे कदमों और आयोग से कार्यों से रूबरू कराया।

विशिष्ट अतिथि प्रति–कुलाधिपति बी.बी. डी. यूनिवर्सिटी विराज सागर दास ने कहा कि आज विधि के क्षेत्र में महिलाओं का अनुपात पुरुषों के बराबर होता जा रहा है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।

मुख्य वक्ता डॉ. सीमा सिंह (प्रोफेसर, लॉ फैकल्टी, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने अपनी वक्तव्य में प्राचीन काल से महिलाओं के अधिकारों को उल्लिखित कर उनकी वर्तमान तक की यात्रा को बहुत विस्तृत रूप से बताया।

अधिवक्ता परिषद अवध कि प्रदेश महामंत्री मीनाक्षी परिहार सिंह ने अपने संबोधन में अधिवक्ता परिषद के विचार और कार्यों के बारे में जानकारी दी और साथ ही नारी अस्मिता के सात चरणों का उल्लेख कर नारी सशक्तिकरण को दर्शाया। कार्यक्रम के समापन में अधिवक्ता परिषद अवध कि प्रदेश मंत्री रंजीता बाल्मीकि ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।

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