उत्तर पश्चिम रेलवे में 2300 करोड़ की ‘कवच’ प्रणाली से रेल सुरक्षा होगी और मजबूत
जयपुर, 12 मार्च । उत्तर पश्चिम रेलवे पर संरक्षित रेल संचालन को और सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसी दिशा में टक्कररोधी स्वदेशी प्रणाली ‘कवच’ की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। यह प्रणाली ट्रेनों की सुरक्षित और नियंत्रित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल मार्ग पर लगभग 2300 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी कवच प्रणाली स्थापित की जा रही है। रेलवे के सभी मंडलों में कवच प्रणाली लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। रेल संचालन में सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक कवच 4.0 प्रणाली लागू की जाएगी।
इस परियोजना के तहत 1586 रेल किलोमीटर मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 56 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही स्टेशन कवच से संबंधित कार्यों के लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं और सर्वे तथा ड्रॉइंग तैयार करने का काम प्रगति पर है। परियोजना के अंतर्गत कुल 250 दूरसंचार टावर स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से 221 टावरों का कार्य वर्तमान में चल रहा है।
कवच प्रणाली एक अत्यंत जटिल और तकनीकी दृष्टि से उन्नत व्यवस्था है। इसमें कई उप-प्रणालियाँ शामिल होती हैं, जो मिलकर रेल सुरक्षा को मजबूत बनाती हैं। इसके तहत ट्रैक पर हर एक किलोमीटर और प्रत्येक सिग्नल पर आरएफआईडी टैग लगाए जाते हैं, जो ट्रेनों की सटीक स्थिति की जानकारी देते हैं। इसके अलावा ट्रैक के साथ दूरसंचार टावर और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित किया जाता है, जिससे लोकोमोटिव और स्टेशनों के बीच निरंतर संचार बना रहता है।
लोको कवच प्रणाली इंजन में स्थापित होती है, जो ट्रैक पर लगे टैग और स्टेशन कवच से सूचना प्राप्त कर ट्रेन की गति और स्थिति को नियंत्रित करती है। आपात स्थिति में यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना की संभावना को कम करती है। वहीं स्टेशन कवच सिग्नलिंग प्रणाली और लोको कवच के साथ समन्वय कर सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर कवच प्रणाली की स्थापना का कार्य तेज गति से जारी है और रेलवे इसकी लगातार निगरानी कर रहा है। इस अत्याधुनिक तकनीक के लागू होने से रेल संचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बन सकेगा।